किसानों को राहत देने पर जोर
हैदराबाद। राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष जी. चिन्ना रेड्डी (G. Chinna Reddy) ने मार्कफेड अधिकारियों को निर्देश दिया है कि तेलंगाना में मक्का खरीद केंद्र तुरंत खोले जाएं, ताकि किसानों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि कई किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दर पर अपनी उपज बेचने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल पहले ही मक्का खरीद (Maize Procurement) को मंजूरी दे चुका है और बैंक गारंटी की अनुमति भी दी गई है, इसलिए अधिकारियों को बिना देरी कार्रवाई करनी चाहिए।
सरकार के प्रोत्साहन से मक्का की खेती और उत्पादन में वृद्धि
उन्होंने कहा कि सरकार के प्रोत्साहन से मक्का की खेती और उत्पादन में वृद्धि हुई है, लेकिन खरीद में देरी से किसानों को परेशानी हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मक्का की खरीद न्यूनतम 2400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जानी चाहिए। उन्होंने पूर्व बीआरएस सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि पहले लगाए गए प्रतिबंधों के कारण मक्का की खेती को नुकसान पहुंचा था। इसके अलावा उन्होंने कपास की बढ़ती आवक को देखते हुए भारतीय कपास निगम से तत्काल हस्तक्षेप करने और कपास खरीद केंद्र स्थापित करने की मांग की, ताकि किसानों को उचित मूल्य मिल सके।
मक्का का सरकारी रेट क्या है?
2025–26 विपणन सीजन के लिए मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,400 प्रति क्विंटल तय किया गया है। यह दर किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा घोषित की जाती है। राज्य सरकारें कुछ स्थानों पर अतिरिक्त बोनस भी दे सकती हैं। सरकारी खरीद केंद्रों पर गुणवत्ता जांच के बाद इसी आधार पर खरीद की जाती है।
1 एकड़ मक्का के कितने 50 किलो बैग पैदा कर सकता है?
उत्पादन मिट्टी, बीज, सिंचाई, मौसम और खेती की तकनीक पर निर्भर करता है। सामान्य रूप से 1 एकड़ में लगभग 20 से 35 क्विंटल मक्का उत्पादन हो सकता है। इसका मतलब लगभग 40 से 70 बैग (प्रत्येक 50 किलो) तक उपज मिल सकती है। अच्छी देखभाल और उन्नत खेती तकनीक अपनाने पर उत्पादन इससे अधिक भी हो सकता है।
मक्का का केंद्र कहाँ स्थित है?
भारत में मक्का उत्पादन के प्रमुख केंद्र मध्य प्रदेश, कर्नाटक, बिहार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र माने जाते हैं। इनमें कर्नाटक और मध्य प्रदेश बड़े उत्पादक राज्यों में शामिल हैं। अनुसंधान के स्तर पर भारतीय मक्का अनुसंधान संस्थान Ludhiana, Punjab जैसे स्थानों से भी जुड़ा रहा है। मक्का देश की महत्वपूर्ण खाद्यान्न और पशु आहार फसलों में से एक है।
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