हैदराबाद। राज्य के राजस्व, आवास तथा सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी (Ponguleti Srinivas Reddy) ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान मानव जीवन की रक्षा करना और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम करना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के मार्गदर्शन में राज्य में आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली को विश्वस्तरीय तकनीक से सुदृढ़ किया जा रहा है। हैदराबाद (Hyderabad) के नेकलेस रोड स्थित एचएमडीए ग्राउंड्स में आयोजित राज्यव्यापी आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का उद्घाटन करते हुए मंत्री ने कहा कि तेलंगाना अन्य राज्यों में अपनाई जा रही सर्वोत्तम व्यवस्थाओं के अनुरूप अपनी आपदा प्रबंधन प्रणाली को और मजबूत करेगा।
राज्यव्यापी आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का उद्घाटन
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आपदा एवं अग्नि दुर्घटनाओं से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर उपलब्ध आधुनिक तकनीक और उन्नत उपकरणों का तत्काल अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट एवं प्रस्ताव प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सहयोग से आयोजित इन मॉक ड्रिल्स से अधिकारियों को आपातकालीन सेवाओं में अधिक दक्षता प्राप्त होगी। मंत्री ने कहा कि बाढ़, आग और औद्योगिक आपदाओं जैसी स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, विभागीय समन्वय और पूर्व तैयारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा के पहले एक घंटा “गोल्डन आवर” होता है, जिसमें तेज और प्रभावी कार्रवाई जीवन और मृत्यु के बीच अंतर पैदा कर सकती है।

राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाए
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आपातकालीन कॉल मिलते ही तुरंत सही स्थान पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी मॉक ड्रिल्स लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने, त्वरित बचाव कार्य और आपातकालीन सेवाओं के समन्वय में अत्यंत उपयोगी हैं। मंत्री ने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए 1908 की महान हैदराबाद बाढ़ तथा गोदावरी और कृष्णा नदियों की हाल की बाढ़ का उल्लेख किया और कहा कि आपदा प्रबंधन में तैयारी की कमी के गंभीर परिणाम सामने आते हैं। मॉक ड्रिल के दौरान विशेष टीमों ने नावों के माध्यम से बचाव कार्य, पानी में फंसे लोगों को निकालने की तकनीक और आपातकालीन निकासी अभ्यास का प्रदर्शन किया। बाद में मंत्री ने नेकलेस रोड बोटिंग क्लब का निरीक्षण कर बचाव कार्यों का जायजा लिया।

अभ्यास केवल तैयारी का हिस्सा
उन्होंने कहा कि यह अभ्यास केवल तैयारी का हिस्सा है और जनता को किसी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचना पर ही विश्वास करें। इस कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव दासरी हरिचंदना, राज्य आपदा प्रतिक्रिया एवं अग्निशमन सेवा डीजी विक्रम सिंह मान, हाइड्रा आयुक्त ए.वी. रंगनाथ तथा एनडीएमए के वरिष्ठ सलाहकार मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) सुधीर बेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
मॉक ड्रिल क्या होता है?
किसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी जांचने के लिए किया जाने वाला अभ्यास मॉक ड्रिल कहलाता है। इसमें पुलिस, दमकल, अस्पताल, आपदा प्रबंधन टीम और अन्य एजेंसियां मिलकर अभ्यास करती हैं। इसका उद्देश्य लोगों को सुरक्षा उपायों की जानकारी देना और बचाव कार्यों की क्षमता बढ़ाना होता है। आग, भूकंप, बम खतरा या अन्य आपदाओं के दौरान कैसे प्रतिक्रिया देनी है, इसकी ट्रेनिंग भी दी जाती है। स्कूल, कार्यालय और सार्वजनिक स्थानों पर समय-समय पर ऐसे अभ्यास आयोजित किए जाते हैं।
7 मई को मॉक ड्रिल में क्या होगा?
आपदा प्रबंधन और सुरक्षा तैयारियों की जांच के लिए विभिन्न विभाग संयुक्त अभ्यास कर सकते हैं। ऐसे कार्यक्रमों में अलार्म बजाना, लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और बचाव दलों की कार्यप्रणाली का परीक्षण किया जाता है। पुलिस, फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और प्रशासनिक अधिकारी मिलकर आपातकालीन प्रतिक्रिया का अभ्यास करते हैं। कई जगहों पर आम लोगों को भी सुरक्षा नियमों की जानकारी दी जाती है। आयोजन का उद्देश्य किसी भी संकट की स्थिति में तेज और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना होता है।
भारत मॉक ड्रिल क्यों कर रहा है?
आपदा, सुरक्षा खतरे और आपात स्थितियों से प्रभावी तरीके से निपटने की तैयारी मजबूत करने के लिए ऐसे अभ्यास किए जाते हैं। इससे प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और आम नागरिकों की प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण होता है। भूकंप, आग, आतंकवादी खतरे या औद्योगिक दुर्घटनाओं जैसी परिस्थितियों में बचाव कार्यों को बेहतर बनाने के लिए मॉक ड्रिल महत्वपूर्ण मानी जाती है। इससे कमियों की पहचान कर सुधार किया जाता है। राष्ट्रीय सुरक्षा और जनसुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से समय-समय पर यह अभ्यास आयोजित किए जाते हैं।
7 मई को भारत में क्या हो रहा है?
देश के अलग-अलग हिस्सों में सरकारी कार्यक्रम, परीक्षाएं, धार्मिक आयोजन और प्रशासनिक गतिविधियां आयोजित हो सकती हैं। कई बार इस तारीख को सुरक्षा अभ्यास, जागरूकता अभियान या विशेष सरकारी कार्यक्रम भी किए जाते हैं। अलग-अलग राज्यों में स्थानीय स्तर पर विभिन्न आयोजन निर्धारित होते हैं। किसी विशेष राष्ट्रीय घटना की जानकारी संबंधित सरकारी घोषणा या आधिकारिक कार्यक्रमों के अनुसार तय होती है। इसलिए इस तारीख से जुड़ी सटीक जानकारी कार्यक्रम और क्षेत्र के अनुसार अलग हो सकती है।
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