हैदराबाद। पुलिस आयुक्त टास्क फोर्स, शमशाबाद (Shamshabad) जोन की टीम ने प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शनों की अवैध खरीद-बिक्री में संलिप्त एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से 173 ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन जब्त किए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 50 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान अथेनी कृष्णा (उम्र 45 वर्ष), निवासी मंखाल गांव, रंगारेड्डी जिला के रूप में हुई है, जो डेयरी व्यवसाय से जुड़ा हुआ है। इस मामले में मुख्य आपूर्तिकर्ता खालिद अली उर्फ चतरु सिंह तथा एक अन्य ग्राहक (Customer) सुरेश फरार हैं। जानकारी के अनुसार, आरोपी लगभग 15 वर्षों से डेयरी फार्म चला रहा था तथा 5–6 वर्ष पूर्व वह खालिद अली के संपर्क में आया।
गिरफ्तार आरोपी डेयरी किसानों को बेचता था इंजेक्शन
इसके बाद वह प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन कम कीमत पर खरीदकर स्थानीय डेयरी किसानों को अधिक दामों पर बेचने लगा। यह इंजेक्शन पशुओं में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए अवैध रूप से उपयोग किए जाते थे। पुलिस ने बताया कि फरार आरोपी खालिद अली गुजरात से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित इंजेक्शन लाकर हैदराबाद और आसपास के क्षेत्रों में आपूर्ति करता था। वहीं, आरोपी सुरेश नियमित रूप से इन इंजेक्शनों का उपयोग अपने डेयरी पशुओं में करता था। टास्क फोर्स की शमशाबाद टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और जब्त सामग्री के साथ उसे आगे की कार्रवाई के लिए पहाड़िशरीफ पुलिस को सौंप दिया।
आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी
अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने बताया कि ऑक्सीटोसिन इंजेक्शनों के दुरुपयोग से पशुओं में प्रजनन संबंधी समस्याएं, मास्टाइटिस और प्राकृतिक क्षमता में कमी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। वहीं, दूध के माध्यम से मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है। इस कार्रवाई में निरीक्षक के. वेंकट रेड्डी, एसआई एस. शेषु, के. नागराजू तथा टास्क फोर्स टीम के अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
शमशाबाद का पुराना नाम क्या था?
ऐतिहासिक रूप से इस क्षेत्र का नाम समय के साथ बदलता रहा है और अलग-अलग स्थानों में इसके पुराने नाम अलग बताए जाते हैं। कुछ इतिहासकार इसे स्थानीय शासकों और मुगलकालीन प्रशासन से जोड़कर देखते हैं। कई जगहों पर यह नाम किसी शासक “शम्स” या “शम्सुद्दीन” से जुड़ा माना जाता है। समय के साथ उच्चारण और प्रशासनिक बदलावों के कारण वर्तमान नाम प्रचलित हुआ। स्थानीय इतिहास और पुराने दस्तावेजों में इसके अलग उल्लेख मिलते हैं।
शम्शाबाद को हिंदी में क्या कहते हैं?
हिंदी में भी इस नाम का उपयोग सामान्य रूप से “शमशाबाद” या “शम्साबाद” के रूप में ही किया जाता है। यह फारसी और उर्दू मूल के शब्दों से बना माना जाता है। कई सरकारी दस्तावेजों और हिंदी समाचारों में यही नाम लिखा जाता है। अलग-अलग राज्यों में स्थित स्थानों के उच्चारण में थोड़ा अंतर हो सकता है, लेकिन हिंदी में इसका प्रयोग लगभग समान रूप से किया जाता है। स्थानीय बोलियों में भी इसके अलग रूप सुनने को मिलते हैं।
क्या शमशाबाद हैदराबाद के अंतर्गत आता है?
शमशाबाद तेलंगाना में हैदराबाद महानगर क्षेत्र के अंतर्गत माना जाता है। यहां स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के कारण यह क्षेत्र काफी प्रसिद्ध है। प्रशासनिक रूप से यह रंगारेड्डी जिले से जुड़ा हुआ है, लेकिन हैदराबाद शहरी क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। आईटी, परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों के कारण इसका तेजी से विकास हुआ है।
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