Telangana : ऐसे प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करेंगे – मल्लू रवि

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हैदराबाद। जोगुलम्बा गद्वाल जिले में ग्रामीण युवाओं के लिए स्व-रोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) का उद्घाटन नागरकुर्नूल सांसद डॉ. मल्लू रवि ने किया। यह संस्थान जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से स्थापित किया गया है। इस अवसर पर सांसद डॉ. मल्लू रवि ने कहा कि यह प्रशिक्षण संस्थान ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें विभिन्न कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण (Important) भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों तथा बैंकिंग संस्थानों के सहयोग से ऐसे प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करेंगे। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी तथा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास के लिए आरएसईटीआई केंद्र का उद्घाटन

इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी के बयान पर सांसद मल्लू रवि ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार धन दे रही है तो राज्य सरकार को किसानों से धान खरीदने में क्या समस्या है, यह बात पूछी जा रही है, जबकि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि केंद्र सरकार वास्तव में कितना धन दे रही है। मल्लू रवि ने आरोप लगाया कि तेलंगाना से केंद्र को टैक्स के रूप में एक रुपये मिलने पर केवल 42 पैसे ही वापस दिए जाते हैं, जबकि तेलंगाना का पैसा भाजपा शासित राज्यों में खर्च किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “किसका पैसा कौन दे रहा है? अपना ही पैसा वापस देने में केंद्र सरकार को परेशानी हो रही है, और ऊपर से धान खरीद के लिए अलग से फंड देने की बात की जा रही है, जो हास्यास्पद है।” सांसद मल्लू रवि ने केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी से मांग की कि वे तेलंगाना के लिए आने वाले फंड को सुनिश्चित कर अपनी ईमानदारी साबित करें।

महिला को 10000 कैसे मिलेगा?

सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता, स्वरोजगार ऋण या प्रोत्साहन राशि दी जाती है। कई राज्यों में स्वयं सहायता समूह, लाड़ली, महिला उद्यमिता और रोजगार योजनाओं के माध्यम से 10,000 रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिए आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक खाता और योजना की पात्रता शर्तें पूरी करनी होती हैं। आवेदन ऑनलाइन या संबंधित सरकारी कार्यालय में किया जा सकता है। योजना के अनुसार राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।

स्व-रोजगार की परिभाषा क्या है?

जब कोई व्यक्ति अपनी मेहनत, कौशल या व्यवसाय के माध्यम से स्वयं आय अर्जित करता है, तो उसे स्व-रोजगार कहा जाता है। इसमें व्यक्ति किसी कंपनी या संस्था में नौकरी करने के बजाय खुद का काम करता है। दुकान चलाना, खेती, ऑनलाइन व्यवसाय, फ्रीलांस सेवा या छोटा उद्योग इसके उदाहरण माने जाते हैं। स्व-रोजगार से व्यक्ति स्वतंत्र रूप से काम कर सकता है और अपनी आय बढ़ाने के अवसर प्राप्त करता है। सरकार भी स्वरोजगार बढ़ाने के लिए कई योजनाएं संचालित करती है।

1 लाख युवा योजना क्या है?

युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर देने के उद्देश्य से कई राज्यों में ऐसी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इस प्रकार की योजना के तहत युवाओं को प्रशिक्षण, ऋण सहायता और व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहयोग दिया जाता है। कुछ योजनाओं में बेरोजगार युवाओं को मासिक सहायता या स्टार्टअप प्रोत्साहन भी दिया जाता है। आवेदन के लिए आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता और स्थानीय निवास प्रमाण जरूरी हो सकते हैं। योजना का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।

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Ajay Kumar Shukla

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Ajay Kumar Shukla

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