हैदराबाद। तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव (N. Ramachandra Rao) ने बकरीद से पहले कथित अवैध गो-परिवहन और गोवध की घटनाओं के बीच गौ रक्षकों तथा भाजपा कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि राज्य में बढ़ रही अवैध गोवध की घटनाएं हिंदू समाज की भावनाओं को आहत कर रही हैं। रामचंद्र राव ने आरोप लगाया कि गोवध निषेध कानून लागू होने के बावजूद हैदराबाद (Hyderabad) समेत कई क्षेत्रों में अवैध रूप से गोवध किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय गौ रक्षकों को निशाना बनाया जा रहा है।
गोवध करने वालों के खिलाफ सख्त आपराधिक कार्रवाई होनी चाहिए
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्वक गोमाता की रक्षा करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं और गौ रक्षकों के खिलाफ दर्ज मुकदमे और की गई गिरफ्तारियां गलत हैं। भाजपा ने सरकार से सभी मामलों को तुरंत वापस लेने और गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को रिहा करने की मांग की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राज्यभर, विशेषकर हैदराबाद के आसपास, जांच चौकियां स्थापित कर अवैध गो-परिवहन रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन कर गोवध करने वालों के खिलाफ सख्त आपराधिक कार्रवाई होनी चाहिए। रामचंद्र राव ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों को निष्पक्ष होकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के नाम पर गोवध किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को जल्द रिहा नहीं किया गया तो भाजपा पूरे तेलंगाना में बड़ा आंदोलन शुरू करेगी।
गौ रक्षक शब्द का क्या अर्थ है?
अर्थ गायों की सुरक्षा और संरक्षण करने वाला व्यक्ति या समूह होता है। इसका उद्देश्य गायों को अवैध कटाई, तस्करी और क्रूरता से बचाना माना जाता है। भारत में गाय को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए इसके संरक्षण के लिए कई लोग और संगठन काम करते हैं। कानूनी रूप से पशु संरक्षण के लिए सरकारी नियम और पशु कल्याण कानून लागू होते हैं।
गौ रक्षक दल में कैसे शामिल हों?
गाय संरक्षण से जुड़े किसी भी संगठन या एनजीओ में शामिल होने के लिए आमतौर पर उनकी आधिकारिक सदस्यता प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसके लिए पहचान पत्र, आवेदन फॉर्म और नियमों की जानकारी आवश्यक हो सकती है। कई स्थानों पर पशु कल्याण से जुड़े स्वयंसेवी समूह भी काम करते हैं। हालांकि, किसी भी गतिविधि में शामिल होने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि वह कानूनी और शांतिपूर्ण तरीके से कार्य कर रहा हो।
गौ रक्षक देवता कौन है?
हिंदू मान्यताओं में गाय से जुड़ा कोई एक “गौ रक्षक देवता” स्पष्ट रूप से नहीं माना जाता है। हालांकि भगवान कृष्ण को गोपाल और गोविंद के रूप में गायों के रक्षक के रूप में पूजा जाता है। पौराणिक कथाओं में गाय को “कामधेनु” रूप में भी पवित्र माना गया है। इसलिए गायों का संबंध धार्मिक रूप से भगवान कृष्ण और अन्य देवताओं की कृपा से जोड़ा जाता है।
गौ रक्षक गाड़ी का नंबर क्या है?
पशु संरक्षण से जुड़ी किसी गाड़ी का कोई एक निश्चित नंबर नहीं होता। ऐसे वाहन अलग-अलग राज्यों और संगठनों के अनुसार पंजीकृत होते हैं और उनके अलग-अलग रजिस्ट्रेशन नंबर होते हैं। यदि किसी को पशु क्रूरता या तस्करी की शिकायत करनी हो तो स्थानीय पुलिस या पशु कल्याण विभाग से संपर्क करना चाहिए। आपात स्थिति में सरकारी हेल्पलाइन का उपयोग करना सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है।
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