Hyderabad : सामूहिक विपणन से तेलंगाना के छोटे आम किसानों को मिली वैश्विक पहचान

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हैदराबाद। तेलंगाना के छोटे और मध्यम वर्ग के आम किसान अब सामूहिक विपणन (Mass Marketing) व्यवस्था के जरिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बना रहे हैं। वनपर्थी जिले के पेब्बैर गांव के किसान बालकृष्ण ने इस सीजन में मल्लिका किस्म के आम की आठ पेटियां विदेश भेजकर नई मिसाल पेश की है। ग्रामीण गरीबी उन्मूलन संस्था (एसईआरपी) की पहल और पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. दानासरी अनसूया सीतक्का (Dr. Danasari Anasuya Sitakka) की निगरानी में किसानों को यह अवसर मिला है। किसानों के उत्पादों की संगठित बिक्री के लिए ‘बे’निशान’ नामक किसान उत्पादक संगठन महासंघ बनाया गया है, जो कंपनी अधिनियम 2013 के तहत कार्य कर रहा है।

463 करोड़ रुपये का किया जा चुका कारोबार

इस व्यवस्था के तहत छोटे किसानों के आमों को एकत्रित कर उनकी ग्रेडिंग, पैकिंग और परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे अब कम मात्रा में उत्पादन करने वाले किसान भी अपने उत्पाद देश और विदेश के बाजारों में बेच पा रहे हैं। बे’निशान ने रिलायंस, फ्लिपकार्ट, बिग बास्केट, मेट्रो कैश एंड कैरी, स्टार बाजार और रत्नदीप जैसे बड़े रिटेल कारोबारियों के साथ समझौते किए हैं। इसके अलावा कई कृषि प्रसंस्करण कंपनियां भी इससे जुड़ी हुई हैं। एसईआरपी अधिकारियों के अनुसार अब तक इस मॉडल के जरिए 463 करोड़ रुपये का कारोबार किया जा चुका है। किसानों की आय में 15 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। खरीद प्रक्रिया दो घंटे में पूरी हो जाती है और भुगतान दो दिनों के भीतर कर दिया जाता है।

फलों की प्रोसेसिंग का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा

किसानों को वैज्ञानिक तरीके से आम तोड़ने, गुणवत्ता बनाए रखने और निर्यात मानकों के अनुसार फलों की प्रोसेसिंग का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। आम की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए डीसैपिंग, ग्रेडिंग और प्री-कूलिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वर्तमान में बे’निशान महासंघ के अंतर्गत 84 किसान उत्पादक संगठन कार्यरत हैं, जो राज्य के 30 जिलों, 404 मंडलों और 3,072 गांवों में सक्रिय हैं। इससे करीब 1.09 लाख छोटे और सीमांत किसान जुड़े हुए हैं।

सामाजिक विपणन क्या है?

वह प्रक्रिया है जिसमें विपणन तकनीकों का उपयोग समाज में सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन लाने के लिए किया जाता है। इसका उद्देश्य केवल लाभ कमाना नहीं होता, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में लोगों की सोच और आदतों को बेहतर बनाना होता है। सरकार और गैर-सरकारी संगठन इसका उपयोग जनहित अभियानों में करते हैं। उदाहरण के लिए, स्वच्छता अभियान और धूम्रपान विरोधी अभियान सामाजिक विपणन के उदाहरण हैं।

विपणन के 3-3-3 नियम क्या हैं?

3-3-3 नियम एक सरल रणनीति माना जाता है, जिसमें ग्राहक तक प्रभावी पहुंच बनाने के लिए तीन संदेश, तीन माध्यम और तीन बार संपर्क करने पर जोर दिया जाता है। इसका उद्देश्य यह होता है कि ग्राहक को उत्पाद या सेवा के बारे में बार-बार और अलग-अलग तरीकों से जानकारी दी जाए। इससे ब्रांड की याददाश्त और विश्वास बढ़ता है। यह नियम डिजिटल मार्केटिंग और विज्ञापन में भी उपयोग किया जाता है।

विपणन के 4 सी क्या हैं?

4 C का अर्थ Customer (ग्राहक), Cost (लागत), Convenience (सुविधा) और Communication (संचार) होता है। इसमें ग्राहक की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाती है। उत्पाद की कीमत और ग्राहक को मिलने वाली सुविधा पर ध्यान दिया जाता है। साथ ही, प्रभावी संचार के माध्यम से ग्राहक से संबंध बनाया जाता है। यह आधुनिक मार्केटिंग का ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण माना जाता है।

समग्र विपणन क्या है?

एक ऐसी रणनीति है जिसमें सभी विपणन गतिविधियों को एक साथ जोड़कर एक समान लक्ष्य के लिए काम किया जाता है। इसमें विज्ञापन, बिक्री, ब्रांडिंग, ग्राहक सेवा और डिजिटल मार्केटिंग सभी शामिल होते हैं। इसका उद्देश्य ग्राहकों को एक समान और मजबूत ब्रांड अनुभव देना होता है। यह दृष्टिकोण व्यवसाय को अधिक प्रभावी और संगठित बनाता है।

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Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

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