News Hindi : तेलंगाना राइजिंग-2047 नीति दस्तावेज़ पर समीक्षा बैठक में CM रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को दिए निर्देश

Read Time:  1 min
तेलंगाना राइजिंग
तेलंगाना राइजिंग
FONT SIZE
GET APP

हैदराबाद। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (Chief Minister Revanth Reddy) ने तेलंगाना की विकास नीति और भविष्य की योजना को दर्शाने वाले “तेलंगाना राइजिंग-2047 (Telangana Rising-2047)” नीति दस्तावेज़ पर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए कि नीति दस्तावेज़ राज्य की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करे।

शामिल होना चाहिए स्पष्ट रोडमैप

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति दस्तावेज़ में 2034 तक तेलंगाना को 1 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने के लिए स्पष्ट रोडमैप शामिल होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य की आर्थिक विकास योजना को तीन क्षेत्रों में विभाजित किया जाए:

  • कोर अर्बन रीजन इकॉनमी (CURE)
  • पेरी अर्बन रीजन इकॉनमी (PURE)
  • रूरल एग्रीकल्चर रीजन इकॉनमी (RARE)

इन तीन क्षेत्रों में प्रत्येक क्षेत्र में कौन-कौन से विकास कार्य होंगे, इसे नीति दस्तावेज़ में स्पष्ट रूप से दर्शाया जाना चाहिए।

स्पष्ट रूप से प्रतिबिंबित करने वाला दस्तावेज़ तैयार किया जाना चाहिए

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रौद्योगिकी, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि और अन्य विभिन्न क्षेत्रों में विकास की योजनाएं शामिल हों। इसके अलावा, बुनियादी ढांचा जैसे सड़क, बंदरगाह और कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि नीति दस्तावेज़ में कल्याण, मंदिर पर्यटन, इको टूरिज्म, ऊर्जा विभाग और प्रत्येक विभाग से संबंधित स्पष्ट दिशा-निर्देश मौजूद होने चाहिए। तेलंगाना की नीति और भविष्य की योजनाओं को स्पष्ट रूप से प्रतिबिंबित करने वाला दस्तावेज़ तैयार किया जाना चाहिए।

कार्गो सेवाओं की भी सुविधा की जाए सुनिश्चित

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि नए बनाए जाने वाले हवाई अड्डों में केवल यात्री सेवाएं ही नहीं, बल्कि कार्गो सेवाओं की भी सुविधा सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, सभी योजनाओं और डिज़ाइनों में वास्तविक दृष्टिकोण और व्यवहारिकता दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि तेलंगाना में नीति में जमीनी बाधाएं या “पॉलिसी पैरालिसिस” नहीं होने चाहिए और सभी निर्णय ठोस और कार्यान्वयन योग्य हों।

तेलंगाना राइजिंग

तेलंगाना राइजिंग-2047 पहल क्या है और इसका मुख्य उद्देश्य क्या माना जाता है?

यह एक दीर्घकालिक विजन है जिसका उद्देश्य राज्य को वर्ष 2047 तक आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी और अवसंरचनात्मक रूप से अग्रणी बनाना है। इस पहल में आधुनिक उद्योगों को बढ़ावा देना, शिक्षा-स्वास्थ्य में सुधार, ग्रामीण-शहरी संतुलित विकास, हरित ऊर्जा, जल प्रबंधन और डिजिटल परिवर्तन जैसे प्रमुख लक्ष्य शामिल हैं। यह रोडमैप युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर, बेहतर जीवन स्तर और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में राज्य की मजबूती सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य तेलंगाना को “सशक्त, टिकाऊ और भविष्य-उन्मुख राज्य” के रूप में स्थापित करना है।

तेलंगाना राइजिंग-2047 से आम नागरिकों को क्या लाभ होने की संभावना है?

इसका लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुँचने का लक्ष्य रखता है। इससे शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी, जिससे ग्रामीण और कमजोर वर्गों को समान अवसर मिलेंगे। अवसंरचना में सुधार के कारण सड़कें, सार्वजनिक परिवहन, डिजिटल कनेक्टिविटी और शहरी सुविधाएँ बेहतर होंगी। रोजगार के लिए आईटी, फार्मा, कृषि-प्रसंस्करण और हरित ऊर्जा सेक्टर में नए अवसर पैदा होंगे। जल प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के प्रयास जीवन की गुणवत्ता को सुरक्षित करेंगे। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार से महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों को अधिक सहूलियत मिलेगी। कुल मिलाकर यह पहल नागरिकों को एक आधुनिक और स्थिर भविष्य प्रदान करेगी।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।