Bhupalpally : विधायक के कार्यालय में भैंसें लाकर दंपति ने किया विरोध प्रदर्शन

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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

भूपालपल्ली। अपने पशुशाला को ध्वस्त किये जाने से नाराज डेयरी फार्मिंग में लगे एक दम्पति ने अपने यहां पाली जा रही लगभग 10 भैंसों को भूपालपल्ली के विधायक (MLA) गंद्रा सत्यनारायण राव के कैंप कार्यालय में ले गए। इस घटना का एक वीडियो क्लिपिंग सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया गया और वायरल हो गया। बताया गया कि कुराकुला ओडेलु और ललिता नाम के इस दंपत्ति ने भूपलपल्ली मंडल के वेशलापल्ली गाँव के मज़ूरनगर में अपने घर के पास आठ गुंटा ज़मीन पर एक मवेशी शेड बनाया था

विधायक के निर्देश पर गिरा दिया गया शेड

उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय अधिकारियों ने पुलिस की मदद से गुरुवार को विधायक के निर्देश पर शेड गिरा दिया। विधायक की कार्रवाई के खिलाफ एक अनोखा विरोध प्रदर्शन करते हुए, दंपति मवेशियों को उनके कैंप कार्यालय ले आए और कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, तब तक जानवर वहीं रहेंगे, जबकि कार्यालय के कर्मचारियों ने उनकी कार्रवाई का विरोध किया। ललिता ने मीडिया (Media) को बताया कि जब उन्होंने पूछा कि उनका गौशाला क्यों तोड़ा गया, तो सबने विधायक पर उंगली उठाई। इसलिए वे मवेशियों को उनके कैंप कार्यालय ले आए। उन्होंने विरोध जताते हुए कहा कि क्या विधायक हमें बिना एक भी रुपया लिए वोट देने का यही तोहफ़ा दे रहे हैं? उन्होंने आगे कहा कि जब तक गौशाला दोबारा नहीं बन जाती, भैंसें वापस नहीं ली जाएँगी।

दूसरी बार शेड को किया गया ध्वस्त

उन्होंने आरोप लगाया कि उनके घर के पास स्थित स्कूल तक सड़क बनाने के बहाने विधायक ने अधिकारियों को उनके पशु शेड को ध्वस्त करने का आदेश दिया, जबकि ललिता के पति ने कहा कि यह दूसरी बार है जब शेड को ध्वस्त किया गया है। पता चला कि उस पशुशाला के पास एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय था और छात्र चाहते थे कि उस पशुशाला को दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया जाए क्योंकि वे भैंसों की लीद की दुर्गंध बर्दाश्त नहीं कर सकते थे। यह समस्या लगभग दस सालों से चली आ रही है। दंपत्ति के विरोध की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची, भैंसों को बाहर भेजा और ओडेलू और ललिता को हिरासत में ले लिया। उनके खिलाफ अतिक्रमण का मामला दर्ज किया गया।

विधायक

विधायक किसे कहते हैं?

राज्य की विधानसभा के लिए जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि को विधायक कहा जाता है। यह व्यक्ति अपने निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है और राज्य के कानून बनाने, नीति निर्धारण और विकास कार्यों में भाग लेता है। इसे आमतौर पर जनप्रतिनिधि भी कहा जाता है।

MLA और विधायक में क्या अंतर होता है?

MLA (Member of Legislative Assembly) और विधायक दोनों एक ही होते हैं। “MLA” इसका अंग्रेज़ी रूप है जबकि “विधायक” हिंदी में कहा जाता है। दोनों का कार्य, पद और अधिकार समान होते हैं; केवल भाषा का अंतर है।

विधायक का मतलब क्या होता है?

एक ऐसा निर्वाचित व्यक्ति जो राज्य विधान सभा में अपने क्षेत्र की जनता का प्रतिनिधित्व करता है, उसे विधायक कहते हैं। वह कानून बनाने, सरकार से सवाल पूछने और अपने क्षेत्र में विकास कार्य कराने का कार्य करता है।

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