हैदराबाद। महत्मा गांधी तेलंगाना ऑटो ड्राइवर्स जेएसी के संयोजक मोहम्मद अमानुल्लाह खान (Mohammad Amanullah Khan) ने बुधवार को 20 जनवरी को प्रस्तावित एक-दिवसीय सिटी ऑटो बंद को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। यह बंद एएलडब्लूएफ संगठन (ALWF organization) के आह्वान पर किया जा रहा है, जिसमें ऑटो चालकों की लंबे समय से लंबित और ‘वाजिब’ मांगों के समाधान की मांग की गई है। प्रेस बयान में खान ने जुड़वां शहरों के सभी ऑटो चालकों से हड़ताल में भाग लेने और इसे सफल बनाने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑटो चालकों की समस्याओं की जड़ महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना है।
राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू करना एकमात्र समाधान
उन्होंने कहा कि इन समस्याओं का एकमात्र समाधान राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू करना है और इसके लिए ‘करो या मरो’ आंदोलन की जरूरत है। कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए खान ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर निशाना साधा, जो स्वयं को ‘सोशल डॉक्टर’ बताते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शराब बिक्री को बढ़ावा देकर राज्य को ‘नशेड़ी तेलंगाना’ में बदल रही है। खान ने दावा किया कि कांग्रेस शासन के पिछले दो वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं, अपराधों और महिलाओं पर अत्याचारों में खतरनाक वृद्धि हुई है।
शराबबंदी क्या है?
मद्यपान और शराब की बिक्री पर कानूनी रूप से पूर्ण या आंशिक रोक को यह व्यवस्था कहा जाता है। इसका उद्देश्य सामाजिक बुराइयों, स्वास्थ्य समस्याओं और अपराध को कम करना होता है। सरकारें इसे कानून, नियमों और दंड के माध्यम से लागू करती हैं।
भारत के कौन-कौन से राज्यों में शराबबंदी है?
वर्तमान में बिहार, गुजरात और मिजोरम में पूर्ण शराबबंदी लागू है। इसके अलावा लक्षद्वीप में भी कड़े प्रतिबंध हैं। कुछ राज्यों में आंशिक प्रतिबंध या स्थानीय स्तर पर नियम लागू किए जाते हैं, जो समय-समय पर बदल सकते हैं।
1 जनवरी 2025 को शराब की दुकान बंद है क्या?
नियम राज्य सरकारों पर निर्भर करते हैं। कई राज्यों में 1 जनवरी को सामान्य कार्यदिवस माना जाता है और दुकानें खुली रहती हैं, जबकि कुछ जगहों पर स्थानीय आदेश या विशेष अवसरों पर बंदी हो सकती है। सही जानकारी के लिए राज्य के आबकारी नियम देखे जाते हैं।
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