Hyderabad : रामागुंडम कोल माइन परियोजना को पर्यावरणीय मंजूरी

Read Time:  1 min
पर्यावरणीय
पर्यावरणीय
FONT SIZE
GET APP

सिंगरेणी के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक

हैदराबाद। सिंगरेणी कॉलरीज कंपनी लिमिटेड को लंबे समय से प्रतीक्षित रामागुंडम कोल माइन परियोजना के लिए केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से प्रारंभिक पर्यावरणीय (Environmental) मंजूरी मिल गई है। इस संबंध में शुक्रवार को सिंगरेणी प्रबंधन को आधिकारिक सूचना प्राप्त हुई है और अगले 10 दिनों में औपचारिक अनुमति पत्र मिलने की संभावना है। कंपनी के सीएमडी डॉ. बुद्धप्रकाश ज्योति के मार्गदर्शन में निदेशकों और अधिकारियों के प्रयासों से यह सफलता मिली है। यह परियोजना सिंगरेणी के इतिहास (History) में अब तक की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है, जिसमें प्रतिवर्ष 210 लाख टन कोयला उत्पादन की क्षमता होगी। परियोजना के तहत कुल 314.98 मिलियन टन कोयला भंडार का उपयोग करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और यह खनन कार्य 25 वर्षों तक जारी रहेगा।

बचा हुआ कोयला भी इस परियोजना के तहत निकाला जाएगा

इस परियोजना का उद्देश्य बंद हो रही पुरानी खदानों के उत्पादन की भरपाई करना और पहले से अनुमत 2 ओपन कास्ट तथा 3 भूमिगत खदानों के अंतर्गत उपलब्ध कोयला भंडार का अधिकतम उपयोग करना है। यहां उत्पादित कोयला मुख्य रूप से एनटीपीसी रामागुंडम और अन्य कोयला आधारित उद्योगों को आपूर्ति किया जाएगा। प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए बंद हो चुकी जीडीके-10 इंक्लाइन और बंद होने वाली वकीलपल्ली भूमिगत खदानों को ओपन कास्ट खदानों में परिवर्तित किया जाएगा। साथ ही रामागुंडम ओपन कास्ट-1 विस्तार परियोजना (फेज-2), ओपन कास्ट-2 विस्तार परियोजना तथा एड्रियाल शाफ्ट अंडरग्राउंड परियोजना के आसपास बचा हुआ कोयला भी इस परियोजना के तहत निकाला जाएगा।

132.70 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया जाएगा

परियोजना के तहत ओपन कास्ट क्षेत्रों से 182.28 मिलियन टन तथा भूमिगत खदानों से 132.70 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया जाएगा। यहां के कोयले की औसत गुणवत्ता ग्रेड जी-10 निर्धारित की गई है। करीब 4326.08 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली इस परियोजना पर लगभग 2,194.05 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इसमें 5,403 सिंगरेनी कर्मचारी और करीब 600 संविदा कर्मचारी कार्य करेंगे। रामागुंडम क्षेत्र में पुरानी खदानों के बंद होने के कारण उत्पन्न हो रही उत्पादन कमी को यह परियोजना पूरा करेगी और लगभग 5,500 लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करेगी।

साथ ही एनटीपीसी के साथ सिंगरेनी के लंबे समय से चल रहे व्यावसायिक संबंध भी इस परियोजना के माध्यम से सुचारू रूप से जारी रहेंगे। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए खनन के दौरान निकलने वाली ओवरबर्डन मिट्टी को खाली स्थानों में भरकर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की योजना बनाई गई है। कुल मिलाकर, रामागुंडम कोल माइन परियोजना सिंगरेणी कंपनी और क्षेत्र के लिए आर्थिक, औद्योगिक और रोजगार के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

रामागुंडम में नया प्रोजेक्ट क्या है?

तेलंगाना के इस औद्योगिक क्षेत्र में हाल के वर्षों में उर्वरक और ऊर्जा से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट विकसित किए गए हैं। यहां स्थापित उर्वरक संयंत्र देश में यूरिया उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से बनाया गया है। इसके अलावा बिजली उत्पादन इकाइयों के विस्तार और आधुनिकीकरण पर भी काम हो रहा है। इन परियोजनाओं से रोजगार के अवसर बढ़े हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है, जिससे क्षेत्र का तेजी से विकास हो रहा है।

रामागुंडम परियोजना क्या है?

यह क्षेत्र मुख्य रूप से बिजली उत्पादन और उर्वरक निर्माण के लिए जाना जाता है। यहां बड़े पैमाने पर थर्मल पावर प्लांट संचालित होते हैं, जो देश के विभिन्न हिस्सों को बिजली आपूर्ति करते हैं। साथ ही उर्वरक संयंत्र कृषि के लिए आवश्यक खाद तैयार करता है। यह परियोजना ऊर्जा और कृषि दोनों क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है और देश की औद्योगिक प्रगति में योगदान देती है।

दामागुंडम वन मुद्दा क्या है?

तेलंगाना के एक वन क्षेत्र से जुड़ा यह मामला पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन का उदाहरण है। यहां रक्षा से संबंधित एक परियोजना प्रस्तावित की गई थी, जिसके लिए वन भूमि के उपयोग की योजना बनी। स्थानीय लोगों और पर्यावरण समूहों ने जंगल को नुकसान होने की आशंका जताई और विरोध किया। बाद में सरकार ने स्थिति का आकलन करते हुए परियोजना को दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।