महिला किसानों के लिए मेगा मेला, 6 हजार से अधिक महिला किसान शामिल
हैदराबाद। प्रोफेसर जयशंकर तेलंगाना कृषि विश्वविद्यालय (university) के खेल प्रांगण में दो दिवसीय मेगा महिला किसान मेला भव्य तरीके से शुरू हुआ। इस मेले का आयोजन पीजेटीएसएयू , कोरमांडल इंटरनेशनल लिमिटेड और राज्य कृषि विभागों ने संयुक्त रूप से किया। यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर और 2026 को संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किए जाने के संदर्भ में किया गया। मेले में राज्य के विभिन्न हिस्सों से लगभग 6,000 महिला किसान, कृषि विशेषज्ञ और छात्र शामिल हुए। मेले का उद्देश्य महिला किसानों को सशक्त बनाना और उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों, यंत्रीकरण और फसल मूल्य संवर्धन के तरीकों से अवगत कराना है। कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (Chief Minister Revanth Reddy) के नेतृत्व में राज्य सरकार निरंतर कृषि और किसान कल्याण के क्षेत्र में काम कर रही है।
महिला किसानों के लिए चलाए जा रहे विशेष कार्यक्रम
उन्होंने कहा कि राज्य में महिला किसानों के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनमें ड्रोन वितरण, प्राकृतिक खेती और फसल विविधीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य आईटी एवं उद्योग मंत्री दुद्दिल्ला श्रीधर बाबू ने किसानों से कहा कि वे आधुनिक तकनीकों और यंत्रों का उपयोग कर अधिक उपज और गुणवत्ता वाली फसल उगाएं। उन्होंने खाद्य सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के महत्व पर भी जोर दिया। राज्य पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री धनसरी अनसूया सीतक्का ने कहा कि कृषि क्षेत्र में 60 से 80 प्रतिशत कार्यकर्ता महिलाएं हैं और बीज बोने से लेकर फसल कटाई तक महिलाएं ही मुख्य भूमिका निभाती हैं। उन्होंने महिला किसानों की मेहनत और योगदान को सराहा और सरकार की योजनाओं के माध्यम से उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता जताई।

30 महिला किसानों और 6 कृषि पत्रकारों को मंत्री द्वारा किया गया सम्मानित
इस अवसर पर महिला किसानों के प्रशिक्षण और कौशल विकास के कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। 30 महिला किसानों और 6 कृषि पत्रकारों को मंत्री द्वारा सम्मानित किया गया। मेले में कृषि विभाग के अधिकारी, विधानसभा सदस्य, आईसीएआर संस्थाओं के अधिकारी और कोरमांडल एमडी शंकर सुब्रमण्यम भी मौजूद थे। आयोजकों ने महिला किसानों को नई तकनीकों, यंत्रीकरण और बाजार में मूल्य संवर्धन के अवसरों से अवगत कराया। यह मेला महिला किसानों के सशक्तिकरण, कृषि में भागीदारी और आधुनिक तकनीक अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
प्रोफेसर जयशंकर यूनिवर्सिटी प्राइवेट है या सरकारी कॉलेज?
कृषि शिक्षा के लिए प्रसिद्ध प्रोफेसर जयशंकर तेलंगाना स्टेट एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी एक सरकारी विश्वविद्यालय है। यह तेलंगाना सरकार के अधीन संचालित होता है और कृषि अनुसंधान, शिक्षा तथा किसानों के लिए नई तकनीकों के विकास पर कार्य करता है। इस विश्वविद्यालय का मुख्य परिसर हैदराबाद में स्थित है और इसके अंतर्गत कई कृषि कॉलेज और अनुसंधान केंद्र भी संचालित किए जाते हैं।
राज्य में कितने कृषि विश्वविद्यालय हैं?
तेलंगाना में मुख्य रूप से तीन प्रमुख कृषि और कृषि-संबंधित विश्वविद्यालय कार्य कर रहे हैं। इनमें प्रोफेसर जयशंकर तेलंगाना स्टेट एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, पी.वी. नरसिम्हा राव तेलंगाना वेटरनरी यूनिवर्सिटी और श्री कोंडा लक्ष्मण तेलंगाना स्टेट हॉर्टिकल्चरल यूनिवर्सिटी शामिल हैं। ये विश्वविद्यालय कृषि, पशुपालन, डेयरी और बागवानी जैसे क्षेत्रों में शिक्षा और शोध कार्य करते हैं।
तेलंगाना में बीएससी कृषि के लिए आवेदन कैसे करें?
कृषि में स्नातक पाठ्यक्रम के लिए आवेदन आमतौर पर राज्य स्तरीय प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। प्रोफेसर जयशंकर तेलंगाना स्टेट एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में बीएससी कृषि में प्रवेश के लिए पहले टीएस ईएएमसीईटी परीक्षा में भाग लेना पड़ता है। परीक्षा में प्राप्त रैंक के आधार पर काउंसलिंग प्रक्रिया होती है और उसी के अनुसार कॉलेज में सीट आवंटित की जाती है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज़ सत्यापन और काउंसलिंग में भाग लेना आवश्यक होता है।
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