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Telangana Awakening : कविता का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी

Ajay Kumar Shukla
Ajay Kumar Shukla
Telangana Awakening : कविता का अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी

हैदराबाद। तेलंगाना जागृति (Telangana Awakening) की नेता कविता ने खम्मम जिले के वेलुगुमटला में मकानों को गिराए जाने के पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बंजारा हिल्स स्थित तेलंगाना जागृति के केंद्रीय कार्यालय में अपना अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखते हुए आंदोलन तेज कर दिया है। कविता ने विस्थापित परिवारों के समर्थन में सोमवार रात खम्मम में भूख हड़ताल शुरू की थी। मंगलवार तड़के पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर हैदराबाद ले आई। गिरफ्तारी के बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार पीड़ितों को न्याय नहीं देती, तब तक वे तेलंगाना जागृति कार्यालय से ही अपना अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखेंगी। इस अवसर पर बोलते हुए कविता ने जोर देकर कहा कि सरकार तुरंत घोषणा करे कि वेलुगुमटला (velugumatla) में जहाँ घरों को गिराया गया है, वहीं उसी स्थान पर पीड़ितों के लिए नए मकान बनाए जाएँ।

जब तक सरकार लिखित आश्वासन नहीं देती, उनका भूख हड़ताल जारी रहेगा

उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार लिखित आश्वासन नहीं देती, उनका भूख हड़ताल जारी रहेगा। कविता ने सरकार के भूदान भूमि पर कब्जा करने के अधिकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये भूमि विशेष रूप से गरीबों के कल्याण के लिए दान की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वेलुगुमटला में जमीन की कीमत बढ़ने के बाद गरीब परिवारों को हटाकर उस जमीन को प्रभावशाली और धनवान लोगों को देने की साजिश के तहत अचानक यह ध्वस्तीकरण किया गया है।

कविता ने कांग्रेस सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए उसे गरीब-विरोधी और जन-विरोधी सरकार बताया। उनके अनुसार सरकार केवल खम्मम ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में गरीबों के घरों को बेरहमी से गिरा रही है। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि रात के समय बुलडोजरों की सहायता से लगभग 750 घरों को गिरा दिया गया, वह भी उस समय जब दसवीं और इंटरमीडिएट की परीक्षाएँ चल रही हैं। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों के पास परीक्षा प्रवेश पत्र थे, उनके घर भी गिरा दिए गए, जिससे उन छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है।

भूख हड़ताल का पर्यायवाची शब्द क्या है?

हिंदी में भूख हड़ताल के लिए “अनशन” शब्द सबसे अधिक प्रचलित पर्यायवाची माना जाता है। इसके अलावा कुछ संदर्भों में “उपवास आंदोलन” या “आमरण अनशन” जैसे शब्द भी प्रयोग किए जाते हैं। आमतौर पर यह शब्द तब इस्तेमाल होता है जब कोई व्यक्ति या समूह अपनी मांगों को मनवाने के लिए स्वेच्छा से भोजन का त्याग करता है और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराता है।

भूख हड़ताल के नियम क्या हैं?

ऐसे विरोध के दौरान आमतौर पर शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से प्रदर्शन किया जाता है। इसमें भाग लेने वाले लोग स्वेच्छा से भोजन नहीं करते और अपनी मांगों को सार्वजनिक रूप से रखते हैं। कई बार प्रशासन से अनुमति लेकर निर्धारित स्थान पर बैठकर अनशन किया जाता है। स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए डॉक्टरों की निगरानी भी रखी जाती है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

भूख हड़ताल का क्या अर्थ है?

किसी मांग या विरोध को शांतिपूर्ण तरीके से व्यक्त करने के लिए स्वेच्छा से भोजन न करने की प्रक्रिया को भूख हड़ताल कहा जाता है। यह एक प्रकार का अहिंसक आंदोलन होता है, जिसका उपयोग इतिहास में कई सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों में किया गया है। भारत में स्वतंत्रता आंदोलन के समय महात्मा गांधी ने भी कई बार अनशन का सहारा लेकर अपनी बात रखने का प्रयास किया था।

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