किसानों को सब्जी उत्पादन किट वितरित
हैदराबाद। हुस्नाबाद विधानसभा (Husnabad Assembly Constituency) क्षेत्र के पोतारम गांव में उद्यान विभाग की ओर से वर्षा आधारित फसल विकास योजना के तहत किसानों को सब्जी उत्पादन किट वितरित की गई। इस अवसर पर मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने किसानों को अधिक आय देने वाली फसलों की खेती करने की सलाह दी। मंत्री ने कहा कि सब्जी, ऑयल पाम, रेशम और मधुमक्खी पालन जैसी कृषि आधारित गतिविधियों से किसानों को अधिक लाभ मिल सकता है। उन्होंने किसानों से अपील की कि जो किसान सब्जी की खेती नहीं कर सकते, वे ऑयल पाम की खेती अपनाएं, क्योंकि इससे अच्छी आय प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि नंगुनूर मंडल के नर्मेटा में हाल ही में ऑयल पाम कारखाने का उद्घाटन (Inauguration) किया गया है और अक्कन्नापेट में खरीद केंद्र भी जल्द शुरू किया जाएगा

50 से 100 एकड़ तक ऑयल पाम की खेती को दिया जाए बढ़ावा
उन्होंने सरपंचों से कहा कि प्रत्येक गांव में 50 से 100 एकड़ तक ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा दिया जाए। मंत्री ने कहा कि ऑयल पाम के साथ अन्य फसलें भी उगाई जा सकती हैं, जिससे किसानों की आय में और वृद्धि होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि जिन किसानों के पास दो एकड़ से अधिक भूमि है, वे एक एकड़ में सब्जी और शेष भूमि में ऑयल पाम की खेती करें। उन्होंने सब्जी की खेती कर रहे किसानों की सराहना करते हुए कहा कि हुस्नाबाद में सब्जियों के लिए कोल्ड स्टोरेज स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए स्थान का चयन किया जा रहा है। साथ ही किसानों से कहा गया कि वे हैदराबाद बाजार को ध्यान में रखकर सब्जियों का उत्पादन करें।
ऑयल पाम क्या होता है?
यह एक प्रकार का उष्णकटिबंधीय पौधा होता है, जिससे पाम ऑयल निकाला जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम Elaeis guineensis है। इसके फल से तेल प्राप्त होता है, जिसका उपयोग खाद्य तेल, साबुन, कॉस्मेटिक और बायोडीजल बनाने में किया जाता है। यह फसल अधिक उत्पादन देने वाली होती है, इसलिए इसे व्यावसायिक खेती के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
पाम क्या होता है?
यह शब्द आमतौर पर पाम वृक्ष (खजूर जैसे पेड़ों) के लिए इस्तेमाल होता है, जो गर्म क्षेत्रों में पाए जाते हैं। पाम के पेड़ों की कई प्रजातियां होती हैं, जिनमें नारियल, खजूर और ऑयल पाम शामिल हैं। इन पेड़ों से फल, तेल और लकड़ी जैसी चीजें मिलती हैं। पाम वृक्ष का उपयोग कृषि, उद्योग और दैनिक जीवन में कई तरह से किया जाता है।
15 किलो पाम आयल का क्या रेट है?
पाम ऑयल की कीमत बाजार, ब्रांड और स्थान के अनुसार बदलती रहती है। सामान्यतः भारत में 15 किलो पाम ऑयल का दाम लगभग 1500 से 2200 रुपये के बीच हो सकता है। थोक बाजार में यह कीमत थोड़ी कम भी हो सकती है। कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार, आयात शुल्क और मांग-आपूर्ति पर निर्भर करती है, इसलिए समय-समय पर इसमें बदलाव होता रहता है।
भारत में पाम ऑयल कहां से आता है?
भारत में पाम ऑयल का अधिकांश हिस्सा आयात किया जाता है। मुख्य रूप से यह इंडोनेशिया और मलेशिया से आता है, जो दुनिया के सबसे बड़े पाम ऑयल उत्पादक देश हैं। इसके अलावा भारत में भी आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल जैसे राज्यों में सीमित मात्रा में ऑयल पाम की खेती की जाती है।
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