सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाने में विफल सरकार : कविता
हैदराबाद। तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष और बीआरएस एमएलसी (MLC) के कविता ने बुधवार को मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी को कांग्रेस सरकार द्वारा अपनी छह गारंटियों को लागू करने में विफलता पर विधानसभा में खुली बहस की चुनौती दी। उन्होंने मांग की कि सरकार महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग व्यक्तियों से किए गए वादों पर चर्चा शुरू करे। एबिड्स में जनरल पोस्ट ऑफिस में मीडिया (Media) से बात करते हुए कविता ने रेवंत रेड्डी पर चुनाव के दौरान किए गए कल्याणकारी योजनाओं को पूरा करने के बजाय झूठ और ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के 18 महीने बाद भी कांग्रेस सरकार बुजुर्गों, दिव्यांगों और अन्य लाभार्थियों के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाने में विफल रही है।
बेकार हो गए हैं गारंटी कार्ड : कविता
उन्होंने पूछा कि महिलाओं को दिए गए 2,500 रुपये मासिक सहायता का क्या हुआ? बीआरएस एमएलसी ने पोस्टकार्ड अभियान शुरू करने के बाद धरना दिया, जिसमें कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को हजारों पोस्टकार्ड भेजे गए, जिसमें उनसे हस्तक्षेप करने और चुनावी वादों को लागू करने को सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। उन्होंने कहा कि महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग व्यक्तियों ने सोनिया गांधी के आश्वासनों और विधानसभा चुनावों के दौरान उनके नाम पर वितरित किए गए गारंटी कार्डों पर भरोसा करते हुए कांग्रेस को वोट दिया था। उन्होंने कहा कि वे गारंटी कार्ड बेकार हो गए हैं और लोग आप पर विश्वास करके ठगा हुआ महसूस करते हैं।
मीडिया के सवालों का दिया जवाब
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कविता ने कांग्रेस को पिछड़े वर्गों के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण का वादा पूरा किए बिना स्थानीय निकाय चुनावों में उतरने के खिलाफ चेतावनी दी और कहा कि इससे सत्तारूढ़ पार्टी को राजनीतिक नुकसान होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री को जिम्मेदारी से काम करने की सलाह दी। उन्होंने आगे कहा कि रेवंत रेड्डी ने आंध्र प्रदेश के अपने समकक्ष एन चंद्रबाबू नायडू के लिए हैदराबाद बिरयानी युक्त लंच का आयोजन किया था और गोदावरी नदी का पानी उपहार में दिया था, जबकि उन्होंने बनकचेरला और पोलावरम जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों की अनदेखी की, जिससे तेलंगाना की तत्काल जरूरतों की उपेक्षा हुई।
आंध्र प्रदेश से तेलंगाना के 5 गांवों को लाएं वापस : कविता
तेलंगाना जागृति अध्यक्ष और बीआरएस एमएलसी के. कविता ने पोलावरम परियोजना पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली आगामी प्रगति एजेंडा बैठक के दौरान भद्राचलम और आसपास के पांच गांवों के लोगों के लिए न्याय की अपनी मांग दोहराई। एक्स पर एक पोस्ट में कविता ने प्रधानमंत्री और तेलंगाना तथा आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से इस मुद्दे को प्राथमिकता देने का आग्रह किया तथा कहा कि पोलावरम डूब क्षेत्र में न आने के बावजूद इन गांवों को आंध्र प्रदेश में अनुचित तरीके से मिला दिया गया। उन्होंने कहा कि मैं नेताओं से आग्रह करती हूं कि वे इन ग्रामीणों के सामने आ रही कठिनाइयों के प्रति सहानुभूति दिखाएं और इन गांवों को तेलंगाना में वापस शामिल करें।
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