हैदराबाद। हैदराबाद के साइबराबाद (Cyberabad) क्षेत्र में पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त अभियान चलाते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। साइबराबाद एनफोर्समेंट टीमों ने लॉ एंड ऑर्डर पुलिस के साथ समन्वय बनाकर 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक एनडीपीएस एक्ट के तहत व्यापक कार्रवाई की। इस अवधि में कुल 91 मामले दर्ज किए गए और 209 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने विभिन्न प्रकार के नशीले पदार्थ जब्त किए, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 2 करोड़ 29 लाख 30 हजार 330 रुपये बताई गई है। पुलिस कार्रवाई (Police Action) के दौरान सबसे अधिक मामले गांजा से जुड़े पाए गए। कुल 62 मामलों में 333.159 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसकी कीमत करीब 1.62 करोड़ रुपये आंकी गई है और 126 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
3 माह में 91 केस दर्ज, 209 आरोपी गिरफ्तार
इसके अलावा एक मामले में 33 किलोग्राम गांजा चॉकलेट भी जब्त की गई। पुलिस ने 3 मामलों में गांजा के 4 पौधे भी बरामद किए। वहीं, सिंथेटिक ड्रग्स पर भी बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 मामलों में 105.144 ग्राम एमडीएमए जब्त किया गया और 28 आरोपियों को पकड़ा गया। एक मामले में 33 LSD पेपर्स भी बरामद हुए। इसके अलावा 8 मामलों में 4.311 लीटर हशीश ऑयल, 3 मामलों में 32.79 ग्राम हेरोइन/मॉर्फीन, 2 मामलों में 3512 ग्राम अफीम मिश्रित पाउडर और 2 मामलों में 76.01 ग्राम ओजी कुश जब्त किया गया। इन सभी मामलों में संबंधित आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई ड्रग्स तस्करी और इसके सेवन पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है।
नए प्रकार के सिंथेटिक ड्रग्स नेटवर्क को तोड़ने में जुटी है पुलिस
इंटेलिजेंस आधारित ऑपरेशन और संयुक्त कार्रवाई के जरिए पुलिस लगातार पारंपरिक और नए प्रकार के सिंथेटिक ड्रग्स नेटवर्क को तोड़ने में जुटी है। साइबराबाद पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ड्रग्स के खिलाफ इस अभियान में सक्रिय सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या तस्करी की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। इसके लिए पुलिस ने संबंधित जोन के अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी जारी किए हैं, ताकि लोग सीधे सूचना साझा कर सकें। यह जानकारी साइबराबाद एसओटी के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस पी. शोबन कुमार ने दी।
ड्रग्स का अर्थ क्या होता है?
शब्द का अर्थ संदर्भ के अनुसार अलग हो सकता है। सामान्य रूप से यह दवाओं के लिए भी इस्तेमाल होता है, लेकिन आम बोलचाल में इसका मतलब ऐसे नशीले पदार्थों से लिया जाता है जो शरीर और दिमाग पर असर डालते हैं। ये पदार्थ आदत बना सकते हैं और स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। गलत उपयोग से व्यक्ति की सोच, व्यवहार और दैनिक जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
ड्रग्स का नशा कितनी देर तक रहता है?
नशे की अवधि पदार्थ के प्रकार, मात्रा, शरीर की स्थिति और उपयोग के तरीके पर निर्भर करती है। कुछ नशीले पदार्थों का असर कुछ घंटों तक रहता है, जबकि कुछ का प्रभाव अधिक समय तक महसूस हो सकता है। बार-बार सेवन करने पर शरीर और मानसिक स्थिति पर गहरा असर पड़ता है। यह स्वास्थ्य, निर्णय क्षमता और सामान्य जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
ड्रग्स के नशे से क्या होता है?
नशीले पदार्थों के सेवन से शरीर और दिमाग दोनों प्रभावित होते हैं। व्यक्ति को चक्कर, कमजोरी, घबराहट, भ्रम, नींद की समस्या, गुस्सा या असामान्य व्यवहार हो सकता है। लंबे समय तक सेवन से लत लग जाती है और हृदय, मस्तिष्क, फेफड़े तथा मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है। परिवार, पढ़ाई, नौकरी और सामाजिक जीवन भी इससे बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :