जब तक वक्फ संशोधन अधिनियम को वापस नहीं ले लेती, तब तक जारी रहेगा विरोध
हैदराबाद। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के अध्यक्ष मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने रविवार को घोषणा की कि जब तक केंद्र सरकार वक्फ संशोधन अधिनियम को वापस नहीं ले लेती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। वह यहां इंदिरा पार्क के धरना चौक पर एआईएमपीएलबी द्वारा आयोजित विशाल धरने में बोल रहे थे। विभिन्न मुस्लिम संगठनों के नेताओं और सभी संप्रदायों का प्रतिनिधित्व करने वाले विद्वानों ने विरोध प्रदर्शन को संबोधित किया, जिसमें महिलाओं सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
देशव्यापी आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा
वक्ताओं ने Waqf अधिनियम के खिलाफ एआईएमपीएलबी के चल रहे देशव्यापी आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। मौलाना रहमानी ने कहा कि वक्फ एक्ट सिर्फ मुसलमानों की समस्या नहीं है, बल्कि यह सभी अल्पसंख्यकों और सभी न्यायप्रिय लोगों की समस्या है। उन्होंने कहा, ‘यह संविधान की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है क्योंकि सरकार वक्फ एक्ट के जरिए संविधान को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।’ उन्होंने बताया कि वक्फ अधिनियम के विरोध में हिंदू, सिख और ईसाई भी उनके साथ शामिल हुए।
वक्फ संपत्ति को नष्ट करने के लिए वक्फ अधिनियम लाया गया : ओवैसी
तेलंगाना विधानसभा में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया कि वक्फ संपत्ति को नष्ट करने के लिए वक्फ अधिनियम लाया गया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को ‘काला कानून’ वापस लेना होगा। ओवैसी ने कहा कि भारत में 25 करोड़ मुसलमान मुश्किल दौर से गुज़र रहे हैं। उन्होंने दृढ़ रहने और सफलता के लिए अपने ईमान को मज़बूत करने का आह्वान किया। उन्होंने मुसलमानों से एकजुट रहने और AIMPLB के विरोध कार्यक्रमों में भाग लेने का आग्रह किया।
वक्फ कानून के खिलाफ खड़ी रहेगी एआईएमपीएलबी
उन्होंने एआईएमपीएलबी को भरोसा दिलाया कि वक्फ कानून के खिलाफ इस आंदोलन में एआईएमआईएम उनके साथ खड़ी रहेगी। एआईएमआईएम विधायक ने कहा कि मुसलमान संविधान और लोकतंत्र के दायरे में अपने अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। एआईएमआईएम के विधायक, पार्षद और अन्य नेता विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। कई प्रदर्शनकारी अपनी मोटरसाइकिलों पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। जमीअतुल उलेमा-ए-हिंद, जमात-ए-इस्लामी, अंजुमन महदाविया और मजलिस तामीर-ए-मिल्लत समेत विभिन्न संगठनों के नेताओं ने विरोध प्रदर्शन को संबोधित किया।
संवैधानिक वैधता को चुनौती
वक्ताओं ने कहा कि एआईएमपीएलबी वक्फ अधिनियम के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन चला रहा है और सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ रहा है। एआईएमपीएलबी, विभिन्न मुस्लिम संगठनों और विभिन्न विपक्षी दलों ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी है। सर्वोच्च न्यायालय ने 23 मई को याचिकाओं पर अंतरिम निर्देश देने की प्रार्थना पर अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था।
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