हैदराबाद। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने जिला कलेक्टरों (Collectors) को निर्देश दिया है कि राज्यभर में धान और मक्का की खरीद प्रक्रिया को मिशन मोड में तेज़ी से पूरा किया जाए। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर धान और मक्का खरीद की स्थिति की समीक्षा की तथा प्रत्येक जिले में खरीद प्रक्रिया के दौरान आ रही समस्याओं की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि खरीद प्रक्रिया (Purchasing Process) में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कलेक्टरों को किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने और नियमित रूप से स्वयं फील्ड विजिट कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने बोरी (गन्नी बैग) और हमालियों की कमी की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पर्याप्त संख्या में बोरियां उपलब्ध कराने के आदेश दिए।
बेमौसम बारिश से नुकसान रोकने के लिए विशेष व्यवस्था
उन्होंने कहा कि खरीदे गए खाद्यान्न को बिना किसी देरी के गोदामों तक पहुंचाया जाना चाहिए। रेवंत रेड्डी ने यह भी चेतावनी दी कि परिवहन के लिए अनुबंध के अनुसार पर्याप्त वाहन, विशेषकर लॉरियां उपलब्ध नहीं कराने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे ठेकेदारों पर आपराधिक मामले दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग के आयुक्त को निर्देश दिया कि धान परिवहन के लिए पर्याप्त वाहन हर समय उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर स्थिति की गंभीरता को समझते हुए प्रभावी कदम उठाएं।
उन्होंने कहा, “हर अधिकारी को जवाबदेही और पारदर्शिता के साथ कार्य करना चाहिए। कठिन परिस्थितियों में जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही करने वाले कलेक्टरों के खिलाफ सरकार कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेगी।” वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने गोदामों की उपलब्धता की भी समीक्षा की और आवश्यकता वाले क्षेत्रों में अस्थायी भंडारण व्यवस्था करने की सलाह दी। उन्होंने रैतू बाजारों और फंक्शन हॉलों का उपयोग धान के भंडारण और आवागमन के लिए करने के निर्देश दिए।
किसी प्रकार की परेशानी न होने देने के निर्देश
स्थायी गोदामों तक धान पहुंचाने की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई। अधिक मक्का उत्पादन वाले जिलों के कलेक्टरों को खरीद प्रक्रिया के दौरान विशेष सतर्कता बरतने और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न होने देने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस सहायता भी ली जाए। जिला कलेक्टरों को धान और मक्का खरीद की नियमित रिपोर्ट राज्य के मुख्य सचिव को भेजने के निर्देश दिए गए। रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों से बेमौसम बारिश और उसके खरीद प्रक्रिया पर पड़े प्रभाव की जानकारी ली। उन्होंने किसानों को बेमौसम बारिश से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए स्थायी समाधान तैयार करने के निर्देश दिए। किसानों की कटी हुई फसल को बारिश से बचाने के लिए पर्याप्त तिरपाल उपलब्ध कराना कार्ययोजना में सर्वोच्च प्राथमिकता रखने को कहा गया।
मंडल स्तर पर एक नामित अधिकारी नियुक्त
मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि मंडल स्तर पर एक नामित अधिकारी नियुक्त किया जाए, जो मौसम विभाग की चेतावनियों और पूर्वानुमानों की जानकारी किसानों तक लगातार पहुंचाए। किसानों को मौसम संबंधी सूचनाएं उपलब्ध कराने के लिए एक समर्पित व्यवस्था भी स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया की निगरानी मजबूत करने के लिए प्रत्येक आईकेपी केंद्र पर एक अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो खरीद में आने वाली बाधाओं का समाधान करेगा। प्रत्येक राइस मिल में भी एक जिम्मेदार अधिकारी तैनात किया जाएगा, जो हमालियों की नियुक्ति सहित सभी व्यवस्थाओं की निगरानी करेगा ताकि खाद्यान्न की लोडिंग तेज़ी से हो सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि धान लोडिंग के तुरंत बाद किसानों को रसीद उपलब्ध कराई जाए, ताकि “तालू” और “तरुगु” के नाम पर होने वाली अनियमितताओं को रोका जा सके।
ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों को किराये पर लेने के निर्देश
लॉरियों की कमी दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ने आसपास उपलब्ध ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों को किराये पर लेने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सभी समस्याओं का समाधान जिला कलेक्टरों की प्रत्यक्ष निगरानी में ही किया जाना चाहिए। वीडियो कॉन्फ्रेंस में उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क, मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव, उत्तम कुमार रेड्डी, कोमाटिरेड्डी वेंकट रेड्डी, सीतक्का, जूपल्ली कृष्णा राव, अडलुरी लक्ष्मण कुमार और वाकिटी श्रीहरि सहित मुख्य सचिव के. रामकृष्णा राव, वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न जिलों के कलेक्टर शामिल हुए।
हैदराबाद में मुस्लिम आबादी कितनी है?
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार शहर की कुल आबादी में लगभग 30 प्रतिशत से अधिक लोग मुस्लिम समुदाय से संबंध रखते हैं। यह शहर धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता के लिए जाना जाता है। पुराने शहर के क्षेत्रों में मुस्लिम आबादी अधिक देखी जाती है। मस्जिदें, बाजार और पारंपरिक भोजन यहां की विशेष पहचान माने जाते हैं। हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और अन्य समुदाय लंबे समय से यहां साथ रहते आए हैं। विभिन्न त्योहार और सांस्कृतिक कार्यक्रम इस शहर की साझा विरासत को दर्शाते हैं और इसे देश के प्रमुख महानगरों में शामिल करते हैं।
हैदराबाद किस राज्य की राजधानी है?
यह शहर Telangana की राजधानी है। वर्ष 2014 में तेलंगाना राज्य के गठन के बाद इसे आधिकारिक राजधानी घोषित किया गया था। इससे पहले यह संयुक्त आंध्र प्रदेश की राजधानी हुआ करता था। दक्षिण भारत का यह प्रमुख महानगर आईटी उद्योग, व्यापार और शिक्षा के लिए काफी प्रसिद्ध है। यहां कई बड़ी तकनीकी कंपनियों के कार्यालय मौजूद हैं। ऐतिहासिक इमारतें, आधुनिक विकास और सांस्कृतिक विविधता इसे देश के प्रमुख शहरों में शामिल करती हैं और हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग यहां रोजगार तथा शिक्षा के लिए आते हैं।
हैदराबाद में हिंदी बोली जाती है?
इस शहर में हिंदी भाषा काफी व्यापक रूप से बोली और समझी जाती है। हालांकि तेलुगु यहां की प्रमुख भाषा मानी जाती है, लेकिन उर्दू और हिंदी का उपयोग भी बड़ी संख्या में लोग करते हैं। व्यापार, शिक्षा और रोजमर्रा की बातचीत में हिंदी आसानी से सुनने को मिल जाती है। देश के अलग-अलग राज्यों से आए लोगों के कारण यहां भाषाई विविधता काफी अधिक है। कई लोग हिंदी और उर्दू मिश्रित शैली में भी बातचीत करते हैं, जिसे स्थानीय स्तर पर खास पहचान मिली हुई है।
हैदराबाद किस लिए प्रसिद्ध है?
चारमीनार, हैदराबादी बिरयानी और आईटी उद्योग के कारण यह शहर दुनियाभर में प्रसिद्ध माना जाता है। यहां स्थित गोलकोंडा किला, सालारजंग संग्रहालय और हुसैन सागर झील प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिने जाते हैं। कई बड़ी तकनीकी कंपनियों के कार्यालय होने के कारण इसे “साइबर सिटी” भी कहा जाता है। मोतियों और पारंपरिक बाजारों की वजह से भी इसकी अलग पहचान है। ऐतिहासिक धरोहर और आधुनिक विकास का अनोखा मेल यहां देखने को मिलता है, जो पर्यटकों और व्यवसायियों दोनों को आकर्षित करता है।
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