हैदराबाद । मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (Revanth Reddy) ने कालेश्वरम परियोजना को लेकर पूर्व सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इसमें हुई अनियमितताओं की जांच कर दोषियों को सजा दिलाई जाएगी और परियोजना की मरम्मत कर किसानों (Farmers) को पानी उपलब्ध कराया जाएगा। मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1975 में जलागम वेंगला राव ने गोदावरी जल के उपयोग को लेकर महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री के साथ समझौता किया था। इसके बाद वाई.एस. राजशेखर रेड्डी के कार्यकाल में 2009 में 38,063 करोड़ रुपये की लागत से प्राणहिता-चेवेला परियोजना शुरू की गई, जिस पर 11,700 करोड़ रुपये खर्च किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि के. चंद्रशेखर राव ने प्राणहिता-चेवेला परियोजना को पुनः डिज़ाइन के नाम पर बदलकर उसकी लागत बढ़ाकर 1.5 लाख करोड़ रुपये कर दी।
“अद्भुत परियोजना” बताकर 2018 चुनाव में राजनीतिक लाभ लिया गया
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2016 में शुरू हुई मेडिगड्डा बैराज को 2019 में पूरा बताकर उद्घाटन किया गया और इसे “अद्भुत परियोजना” बताकर 2018 चुनाव में राजनीतिक लाभ लिया गया, जबकि 2023 में यह ढह गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना में आई खामियों को छिपाने की कोशिश की गई, लेकिन सच्चाई सामने आ गई। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण ने 1 नवंबर 2023 को प्रारंभिक रिपोर्ट दी थी, लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया गया। वहीं पी.सी. घोष समिति ने भी विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है। रेवंत रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार ने मामले की सीबीआई जांच के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं द्वारा पहले जांच की मांग करने के बावजूद केंद्र सरकार इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कालेश्वरम परियोजना से अब तक एक लाख एकड़ भूमि को भी पानी नहीं मिल पाया। उनकी सरकार इस परियोजना की मरम्मत कर इसे उपयोगी बनाएगी। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों और अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूर्व मंत्री टी. हरीश राव पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने उनके दिल्ली दौरे पर सवाल उठाए और कहा कि वे किन नेताओं से मिले, यह जनता को बताना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के मामलों से बचने के लिए राजनीतिक प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।
कालेश्वरम में प्रस्तावित बस स्टेशन के निर्माण कार्य का भी शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कालेश्वरम परियोजना में किसी भी दोषी को नहीं बख्शा जाएगा और पूरी योजना के साथ आगे बढ़ते हुए परियोजना की मरम्मत कर किसानों को पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसी क्रम मे मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार को जयशंकर भूपालपल्ली जिले के कालेेश्वरम स्थित श्री कालेश्वर-मुक्तेश्वर स्वामी मंदिर के ₹198 करोड़ लागत वाले पुनर्विकास कार्यों की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री ने पहले मंदिर में दर्शन कर ‘महा रुद्राभिषेकम’ में भाग लिया। इसके बाद उन्होंने सुभानंदा देवी मंदिर का दौरा किया और फिर शिलान्यास कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कालेश्वरम में प्रस्तावित बस स्टेशन के निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया, जिसकी लागत 3.70 करोड़ बताई गई है। एंडोमेंट्स विभाग की प्रमुख सचिव शैलजा रामय्यर और आयुक्त हनुमंता राव ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों का सम्मान करते हुए उन्हें प्रसाद और रेशमी वस्त्र भेंट किए। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को मंदिर पुनर्विकास की विस्तृत योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में मंत्री दुद्दिला श्रीधर बाबू, उत्तम कुमार रेड्डी, पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, पोनम प्रभाकर, अदलुरी लक्ष्मण, गद्दम विवेक, सांसद वंशी कृष्ण सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
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