Crime : 32 बैंक अधिकारी गिरफ्तार, देशभर में फैला नेटवर्क ध्वस्त

Read Time:  1 min
नेटवर्क
नेटवर्क
FONT SIZE
GET APP

साइबर क्राइम पर बड़ी कार्रवाई

हैदराबाद। हैदराबाद सिटी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए देशभर में फैले साइबर फ्रॉड नेटवर्क (Network) का भंडाफोड़ किया है। “ऑपरेशन ऑक्टोपस 2.0” के तहत कुल 52 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 32 बैंक अधिकारी, 15 म्यूल अकाउंट धारक और 5 बिचौलिए शामिल हैं। यह कार्रवाई डीसीपी (साइबर क्राइम) वी. अरविंद बाबू और एसीपी आर. जी. शिवा मारुति के नेतृत्व में नौ राज्यों में एक साथ चलाए गए अभियान के तहत की गई। पुलिस के अनुसार, “ऑपरेशन ऑक्टोपस 2.0” का उद्देश्य संगठित साइबर अपराध नेटवर्क को खत्म करना था, जिसमें बैंक अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई। ये आरोपी फर्जी (Mule) बैंक खाते खोलकर निवेश घोटाले, ट्रेडिंग फ्रॉड और “डिजिटल अरेस्ट” जैसे मामलों को अंजाम दे रहे थे।

16 राज्यों में छापेमारी कर 117 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था

जांच में खुलासा हुआ कि करीब 350 बैंक खातों के जरिए देशभर में लगभग 850 मामलों में करीब 150 करोड़ रुपये की ठगी की गई।इससे पहले फरवरी 2026 में “ऑपरेशन ऑक्टोपस-1” के तहत 16 राज्यों में छापेमारी कर 117 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। हैदराबाद पुलिस आयुक्त वी. सी. सज्जनार ने बताया कि इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए 16 विशेष टीमों का गठन किया गया था, जिन्होंने 7 दिनों तक लगातार अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने 26 मोबाइल फोन, 14 चेक बुक, 2 पेन ड्राइव, 1 लैपटॉप और 21 शेल कंपनियों की मुहरें भी बरामद कीं। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराध के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई गई है और “ऑपरेशन ऑक्टोपस” जैसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे, ताकि देशभर में सक्रिय साइबर ठगी गिरोहों का पूरी तरह सफाया किया जा सके।

साइबर फ्रॉड हो जाए तो क्या करें?

तुरंत अपने बैंक या संबंधित ऐप को सूचना दें और खाते को ब्लॉक कराएं। इसके बाद राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें। साथ ही नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं। जरूरी दस्तावेज और लेनदेन की जानकारी सुरक्षित रखें। जितनी जल्दी कार्रवाई करेंगे, पैसे वापस मिलने की संभावना उतनी अधिक रहती है।

साइबर क्राइम में कितने दिन की सजा होती है?

सजा अपराध की गंभीरता पर निर्भर करती है। सामान्य मामलों में कुछ महीनों से लेकर 3 साल तक की सजा हो सकती है, जबकि गंभीर साइबर अपराधों में 5 साल या उससे अधिक की सजा भी हो सकती है। यह प्रावधान सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत तय किया जाता है।

1930 पर कॉल करने का क्या मतलब है?

यह नंबर भारत में साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करने के लिए जारी किया गया हेल्पलाइन नंबर है। 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करके आप तुरंत अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह सेवा 24×7 उपलब्ध रहती है और फ्रॉड से जुड़े मामलों में त्वरित सहायता प्रदान करती है।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।