42% बीसी आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर रैली
हैदराबाद। बशीरबाग चौराहा से लेकर बाबू जगजीवनराम (Babu Jagjivan Ram) की प्रतिमा तक आयोजित विशाल बीसी विद्रोह प्रदर्शन में हज़ारों की उपस्थिति के बीच राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय बीसी कल्याण संघ के अध्यक्ष आर. कृष्णैया (R. Krishnaiah) ने मांग की कि जब तक बीसी वर्गों के लिए 42% आरक्षण (जी.ओ. सं. 46) लागू नहीं किया जाता, तब तक स्थानीय निकाय चुनावों को तुरंत स्थगित किया जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई डेडिकेटेड कमीशन रिपोर्टें सीलबंद लिफ़ाफे में क्यों जमा की गईं। उन्होंने कहा कि जब राज्य बीसी आयोग ने स्वयं आरक्षण आवंटन में अनियमितताओं की पुष्टि कर दी है, तो इससे अधिक प्रमाण की आवश्यकता ही क्या है?
सरकार नियंत्रणवादी शैली में कर रही है शासन
प्रदर्शन में शामिल हजारों कार्यकर्ताओं, प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों और विभिन्न बीसी समुदायों के नेताओं ने सरकार की नीति के विरुद्ध नारे लगाए और आरक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग की। तेलंगाना राज्य बीसी आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. वकुलाभरणम् कृष्णमोहन राव ने कहा कि सरकार नियंत्रणवादी शैली में शासन कर रही है और जनता को भ्रमित कर रही है। उन्होंने कहा, क्या बीसी समुदाय से छल करना ही रोल मॉडल शासन की परिभाषा है? यदि सरकार बहुसंख्यक बीसी समाज से किए वादे पूरा नहीं कर सकती, तो जनता की सरकार कहलाने का नैतिक अधिकार कैसे रखती है? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बीसी समाज की आत्म-गरिमा को ठेस पहुँचा रही है।
बीसी आयोग ने आरक्षण प्रक्रिया को बताया अन्यायपूर्ण
आर. कृष्णैया ने कहा कि उच्च न्यायालय ने कमीशन रिपोर्टों में प्रक्रिया संबंधी त्रुटियों पर असंतोष व्यक्त किया है और बीसी आयोग ने आरक्षण प्रक्रिया को अन्यायपूर्ण बताया है। बीसी समाज से जुड़ी अनेक संस्थाओं, संगठनों, छात्रों, महिलाओं, सरपंचों तथा नेताओं ने बड़ी संख्या में प्रदर्शन में भाग लिया। प्रमुख उपस्थित लोगों में कोंडा देवैया, आनंद गौड़, जिल्लेपल्ली अंजी, मोदी रामदेव, सी. राजेन्दर, अनंतैया, भीमराज, लिंगैय्या यादव, राजू नेता सहित अनेक प्रतिनिधि शामिल थे।
बाबू जगजीवन राम कौन थे?
बाबू जगजीवन राम भारत के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी, सामाजिक न्याय के पुरोधा और लंबे समय तक केंद्रीय मंत्री रहे। उन्होंने हाशिए पर मौजूद समुदायों के अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया और उपप्रधानमंत्री के पद पर भी कार्य किया।
जगजीवन राम के कितने बच्चे थे?
उनके दो बच्चे थे—पुत्र सूर्यकांत और पुत्री मीरा कुमार, जो बाद में लोकसभा अध्यक्ष बनीं।
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