Hyderabad : उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क की केंद्रीय कोयला मंत्री किशन रेड्डी से मुलाकात

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किशन रेड्डी
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नई दिल्ली/ हैदराबाद। तेलंगाना के उप मुख्यमंत्री, वित्त, योजना एवं ऊर्जा मंत्री भट्टी विक्रमार्क मल्लूने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी (G. Kishan Reddy) से मुलाकात की। इस दौरान सिंगरेणी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड के भविष्य की योजनाओं, कोयला गैसीफिकेशन, नए कोयला ब्लॉकों के आवंटन और खनन लीज से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में उप मुख्यमंत्री (DCM) ने कहा कि कोयले का उपयोग केवल पारंपरिक बिजली उत्पादन तक सीमित न रखकर इसे मूल्य संवर्धन आधारित औद्योगिक उपयोगों की दिशा में बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि देशभर में कोयला गैसीफिकेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है और इसी दिशा में सिंगरेनी भी सक्रिय रूप से कदम बढ़ाने के लिए तैयार है।

सिंगरेणी के विस्तार और गैसीफिकेशन पर चर्चा

उन्होंने कहा कि कोल इंडिया की तर्ज पर सिंगरेनी भी अपने संसाधनों के आधुनिक उपयोग की संभावनाओं पर काम कर रही है। कोयला गैसीफिकेशन से ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक उपयोग और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे। इसके लिए केंद्र सरकार से तकनीकी मार्गदर्शन और नीतिगत सहयोग की मांग की गई। भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि सिंगरेनी दक्षिण भारत में बिजली और कोयला आपूर्ति की एक महत्वपूर्ण इकाई है, इसलिए भविष्य की जरूरतों को देखते हुए नए कोयला संसाधनों का आवंटन आवश्यक है। उन्होंने गोदावरी वैली कोलफील्ड्स के कोयागुडेम ब्लॉक–III को सिंगरेनी को देने की मांग रखी, जो राज्य की बिजली जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके साथ ही ताडिचेरला कोल ब्लॉक–II के खनन लीज को शीघ्र मंजूरी देने का मुद्दा भी उठाया गया।

प्रारंभिक खनन और अन्वेषण कार्य पूरे हो चुके

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि इस ब्लॉक में पहले ही प्रारंभिक खनन और अन्वेषण कार्य पूरे हो चुके हैं, इसलिए लीज प्रक्रिया में तेजी लाने की आवश्यकता है। उन्होंने एमएमडीआर एक्ट 1957 की धारा–5 के तहत पूर्व अनुमति देकर प्रक्रिया तेज करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना तेलंगाना की ऊर्जा सुरक्षा और सिंगरेनी के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने इन सभी मुद्दों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि संबंधित केंद्रीय एवं राज्य अधिकारियों तथा सिंगरेनी प्रतिनिधियों के साथ जल्द ही संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में राज्य के वरिष्ठ अधिकारी और सिंगरेनी कोलियरीज के शीर्ष अधिकारी भी उपस्थित रहे।

वर्तमान कोयला मंत्री कौन हैं?

जी. किशन रेड्डी वर्तमान में भारत सरकार में कोयला मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे केंद्रीय मंत्री के रूप में कोयला, खान और अन्य महत्वपूर्ण विभागों से जुड़े कार्यों का संचालन कर रहे हैं। ऊर्जा और खनन क्षेत्र से संबंधित नीतियों तथा परियोजनाओं में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। देश में कोयला उत्पादन बढ़ाने और ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने पर मंत्रालय विशेष ध्यान दे रहा है।

भारत के कोयला मंत्री कौन हैं?

केंद्रीय सरकार में जी. किशन रेड्डी कोयला मंत्रालय का नेतृत्व कर रहे हैं। यह मंत्रालय कोयला उत्पादन, खनन परियोजनाओं और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कार्यों की देखरेख करता है। देश की बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने में कोयला क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। मंत्रालय पर्यावरण संतुलन और आधुनिक खनन तकनीकों पर भी कार्य करता है। ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए कई नई योजनाएं चलाई जा रही हैं।

कोयला राज्य मंत्री कौन हैं?

सतीश चंद्र दुबे वर्तमान में कोयला मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं। वे मंत्रालय के विभिन्न प्रशासनिक और विकास कार्यों में सहयोग करते हैं। खनन, उत्पादन और संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन में राज्य मंत्री की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। केंद्र सरकार ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कोयला उत्पादन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है।

भारत के कोयला राज्य मंत्री कौन है?

केंद्रीय मंत्रिपरिषद में सतीश चंद्र दुबे को कोयला राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। वे मंत्रालय से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों और नीतियों के कार्यान्वयन में सहयोग करते हैं। देश में ऊर्जा उत्पादन और औद्योगिक विकास के लिए कोयला क्षेत्र को महत्वपूर्ण माना जाता है। मंत्रालय खनन सुधार और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर लगातार कार्य कर रहा है।

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Ajay Kumar Shukla

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Ajay Kumar Shukla

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