हैदराबाद। तेलंगाना के श्रम, रोजगार, खान एवं भूविज्ञान मंत्री जी. विवेक वेंकटस्वामी (G. Vivek Venkataswamy) ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय रोजगार अवसर सृजित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सरकार टॉमकॉम को और अधिक सशक्त बनाने के लिए विशेष कदम उठा रही है तथा इसके लिए बजट में 90 करोड़ का प्रावधान किया गया है। मंत्री बुधवार को सोमाजीगुड़ा (Somajiguda) स्थित एक होटल में आयोजित भारत–यूरोपीय संघ मोबिलिटी प्रोजेक्ट के द्वितीय चरण के तहत राज्य स्तरीय कार्यशाला को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। यह कार्यशाला विदेश मंत्रालय और यूरोपीय संघ के सहयोग से टॉमकॉम के साथ मिलकर आयोजित की गई थी।
मंत्री ने राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित किया
उन्होंने कहा कि यूरोप में वर्तमान में रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं, जबकि भारत के पास बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली और प्रशिक्षित युवा शक्ति मौजूद है। यह स्थिति दोनों पक्षों के लिए लाभकारी साझेदारी का अवसर प्रदान करती है, जिसमें भारत कुशल मानव संसाधन तैयार कर सकता है और यूरोपीय देश प्रशिक्षित पेशेवरों की आवश्यकता पूरी कर सकते हैं। मंत्री ने कहा कि इस अवसर को देखते हुए तेलंगाना सरकार ने युवाओं को वैश्विक करियर के लिए तैयार करने की दिशा में विशेष प्रयास शुरू किए हैं। टॉमकॉम विदेश रोजगार के लिए युवाओं को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देने वाला एक प्रमुख संस्थान बनकर उभरा है और इसके माध्यम से प्रशिक्षित कई उम्मीदवार विदेशों में सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं।
जर्मन जैसी विदेशी भाषाओं में प्रशिक्षित उम्मीदवारों की बढ़ती मांग का किया उल्लेख
उन्होंने विशेष रूप से जर्मन जैसी विदेशी भाषाओं में प्रशिक्षित उम्मीदवारों की बढ़ती मांग का उल्लेख किया। विवेक वेंकटस्वामी ने कहा कि सरकार अवैध या अप्रमाणित माध्यमों से विदेश जाने के जोखिमों के बारे में युवाओं में जागरूकता फैला रही है और उन्हें सुरक्षित, वैध एवं संरचित मार्ग अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार की आवश्यकताओं, विशेषकर यूरोप के अनुरूप युवाओं को तैयार करने के लिए तेलंगाना सरकार ने राज्य में कई एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सेंटर्स स्थापित किए हैं, जहां उद्योग-उन्मुख और वैश्विक स्तर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते प्रभाव के कारण पारंपरिक रोजगार भूमिकाएं बदल रही हैं, इसलिए कौशल उन्नयन और तकनीकी अनुकूलता अत्यंत आवश्यक हो गई है।
प्रशिक्षित युवा अंतरराष्ट्रीय अवसरों का उठा सकेंगे बेहतर लाभ
मंत्री ने कहा कि भविष्य की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षित युवा अंतरराष्ट्रीय अवसरों का बेहतर लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने बताया कि यह कार्यशाला तेलंगाना के युवाओं को यूरोपीय देशों में उच्च शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार संभावनाओं के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कार्यक्रम में विदेश मंत्रालय के अवर सचिव आदर्श कुमार मेहरा, एलईटीएफ सचिव डी. हरिचंदना, रोजगार एवं प्रशिक्षण निदेशक कांती वेस्ली, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी जे. स्नेहाजा, आईसीडब्लूए संयुक्त सचिव अभिजीत चक्रवर्ती सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
हैदराबाद में मुस्लिम आबादी कितनी है?
मुस्लिम समुदाय की आबादी काफी बड़ी मानी जाती है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार शहर में लगभग 40 प्रतिशत के आसपास मुस्लिम आबादी दर्ज की गई थी। यहां हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और अन्य समुदायों के लोग साथ रहते हैं। पुराना शहर क्षेत्र विशेष रूप से मुस्लिम संस्कृति, बाजारों और ऐतिहासिक इमारतों के लिए जाना जाता है। नई जनगणना के बाद आंकड़ों में बदलाव संभव हो सकता है।
हैदराबाद किस राज्य में है?
दक्षिण भारत के तेलंगाना राज्य की राजधानी है। यह शहर आईटी उद्योग, ऐतिहासिक स्थलों और व्यापारिक गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध माना जाता है। वर्ष 2014 में तेलंगाना राज्य बनने के बाद हैदराबाद इसकी राजधानी बना रहा। आधुनिक विकास और ऐतिहासिक विरासत का मिश्रण इस शहर की खास पहचान है। देश के प्रमुख महानगरों में इसका नाम शामिल किया जाता है।
हैदराबाद किस लिए प्रसिद्ध है?
चारमीनार, बिरयानी और आईटी उद्योग के कारण यह शहर देशभर में प्रसिद्ध माना जाता है। यहां ऐतिहासिक इमारतें, बड़े बाजार और आधुनिक तकनीकी कंपनियां एक साथ देखने को मिलती हैं। चारमीनार और हाईटेक सिटी प्रमुख आकर्षण माने जाते हैं। मोतियों के व्यापार और स्वादिष्ट भोजन के कारण भी इसकी अलग पहचान है। पर्यटन, शिक्षा और व्यापार के क्षेत्र में यह शहर महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
हैदराबाद में कौन सी भाषा बोली जाती है?
यहां मुख्य रूप से तेलुगु और उर्दू भाषाएं बोली जाती हैं। इसके अलावा हिंदी और अंग्रेजी का उपयोग भी बड़े पैमाने पर होता है। अलग-अलग राज्यों से आए लोगों के कारण शहर में कई भाषाओं का मिश्रण देखने को मिलता है। व्यापार, शिक्षा और आईटी क्षेत्र में अंग्रेजी का उपयोग काफी सामान्य है। सांस्कृतिक विविधता के कारण यहां की भाषा शैली भी विशेष मानी जाती है।
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