Hyderabad : सीधी रेल सेवा शुरू करने के लिए राज्यसभा सांसद को ज्ञापन

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राज्यसभा सांसद
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हैदराबाद। प्राणी मित्र रमेश जागीरदार मेमोरियल फाउंडेशन (Ramesh Jagirdar Memorial Foundation) के प्रतिनिधियों ने गुरुवार को हैदराबाद में राज्यसभा सांसद आर. कृष्णैया से मुलाकात कर सिकंदराबाद से गुजरात के कच्छ क्षेत्र के भुज या गांधीधाम तक सीधी रेल सेवा शुरू करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। फाउंडेशन के उपाध्यक्ष पारस जागीरदार, संस्थापक ऋद्धिश जागीरदार और कोषाध्यक्ष तोरल जागीरदार ने सांसद एवं दक्षिण मध्य रेलवे बोर्ड सदस्य आर. कृष्णैया से इस मुद्दे को रेलवे मंत्रालय के समक्ष उठाने का अनुरोध किया। प्रतिनिधिमंडल (Delegation) ने बताया कि कच्छ और गुजरात के अन्य क्षेत्रों से जुड़े लगभग पांच लाख लोग हैदराबाद, सिकंदराबाद तथा तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के विभिन्न जिलों में निवास कर रहे हैं। इनमें जैन, पटेल, ब्राह्मण, गुर्जर, लेवा पटेल और कड़वा पटेल समुदाय के लोग शामिल हैं।

सीधी रेल सेवा नहीं होने के कारण खर्च करना पड़ता है अधिक समय और धन

उन्होंने कहा कि कच्छ क्षेत्र की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों जैसे अडाणी पोर्ट, कांडला पोर्ट, टाटा पावर और सांघी सीमेंट्स में बड़ी संख्या में तेलुगु भाषी लोग भी कार्यरत हैं। फाउंडेशन ने कहा कि सीधी रेल सेवा नहीं होने के कारण यात्रियों को पारिवारिक कार्यक्रमों, धार्मिक यात्राओं और रोजगार संबंधी यात्राओं के लिए अधिक समय और धन खर्च करना पड़ता है। प्रतिनिधिमंडल ने सिकंदराबाद से सोमनाथ तक दैनिक रेल सेवा शुरू करने की मांग भी की।

उन्होंने बताया कि पिछले 21 वर्षों से इस मांग को लेकर कई रेल मंत्रियों और वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। इनमें पूर्व रेल मंत्री पीयूष गोयल, सुरेश प्रभु तथा वर्तमान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी शामिल हैं। आर. कृष्णैया ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वह इस मुद्दे को राज्यसभा में उठाएंगे और हैदराबाद तथा कच्छ के बीच सीधी रेल संपर्क की लंबे समय से लंबित मांग को पूरा कराने के लिए प्रयास करेंगे।

रेलवे में शिकायत दर्ज करने के लिए कौन सा नंबर है?

किसी भी तरह की शिकायत दर्ज करने के लिए 139 हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध है। इस नंबर पर यात्री ट्रेन, टिकट, सफाई, सुरक्षा या अन्य किसी भी समस्या की जानकारी दे सकते हैं। इसके अलावा रेल मदद एप के माध्यम से भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। शिकायत दर्ज करने के बाद संबंधित विभाग तुरंत कार्रवाई करता है और समाधान की जानकारी दी जाती है। यह सेवा 24 घंटे उपलब्ध रहती है ताकि यात्रियों की समस्याओं का तुरंत समाधान हो सके और यात्रा सुरक्षित व सुविधाजनक बनी रहे।

भारत में रेल का मालिक कौन है?

रेलवे का संचालन और प्रबंधन भारत सरकार के अधीन होता है। इसका पूरा नियंत्रण रेल मंत्रालय के पास होता है। भारतीय रेलवे एक सरकारी संस्था है जो देशभर में ट्रेन सेवाओं का संचालन करती है। इसका उद्देश्य यात्रियों और माल परिवहन को सुरक्षित, सस्ता और सुगम बनाना है। सभी रेलवे संपत्तियां और सेवाएं सरकार के स्वामित्व में होती हैं। नीति निर्माण, विकास और संचालन से जुड़े सभी निर्णय केंद्र सरकार द्वारा लिए जाते हैं और इसे सार्वजनिक सेवा के रूप में चलाया जाता है।

स्टेशन को शुद्ध हिंदी में क्या कहा जाता है?

शुद्ध हिंदी रूप “रेलवे स्थानक” या “ठहराव स्थान” माना जाता है। सामान्य भाषा में इसे रेलवे स्टेशन ही कहा जाता है, लेकिन हिंदी में इसे स्थानक के रूप में भी प्रयोग किया जाता है। यह वह स्थान होता है जहां ट्रेन रुकती है, यात्री चढ़ते और उतरते हैं तथा टिकट संबंधी सेवाएं उपलब्ध होती हैं। भारतीय रेलवे प्रणाली में हर छोटे-बड़े शहर में स्टेशन बनाए गए हैं। यह परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है जो लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जोड़ता है।

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Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

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