हैदराबाद। तेलंगाना की राज्य पंचायत राज, ग्रामीण विकास तथा महिला एवं बाल कल्याण मंत्री डॉ. दानसरी अनुराधा सीतक्का ने सोमवार को सचिवालय में व्यापक समीक्षा बैठक की, जिसमें राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, कल्याण और सशक्तिकरण के लिए नई नीतियों को अंतिम रूप देने पर चर्चा हुई। बैठक में वरिष्ठ अधिकारी संजय कुमार, शिका गोयल, क्रिस्टिना चोंगतु, अनिता रामाचंद्रन, प्रियंका वर्गीज़, श्रुति ओझा और एसईआरपी की सीईओ दिव्या देवराजन उपस्थित थे। बैठक में मौजूदा व्यवस्था जैसे शी टीम, भरोसा केंद्र और साइबर क्राइम नियंत्रण इकाइयाँ प्रभावी पाई गईं, लेकिन शैक्षणिक संस्थाओं, छात्रावास, कार्यालयों, रात्रिकालीन यात्रा (night trip), डिजिटल प्लेटफार्म (Digital Platform) और असंगठित क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता पाई गई।
गृह, शिक्षा, श्रम, परिवहन, नगर प्रशासन, आईटी और स्वास्थ्य विभाग
बैठक में शैक्षणिक और कॉर्पोरेट संस्थाओं में आंतरिक शिकायत समितियों का अनिवार्य ऑडिट सिस्टम, रात 8 बजे के बाद कार्यरत महिला कर्मचारियों के लिए जीपीएस -संलग्न सुरक्षित परिवहन, असंगठित क्षेत्र की महिलाओं के लिए विशेष पंजीकरण, आईडी कार्ड और शिकायत प्रणाली आदि पर चर्चा हुई। मंत्री ने राज्य स्तरीय महिला सुरक्षा समन्वय कार्यबल” बनाने का प्रस्ताव रखा, जिसमें गृह, शिक्षा, श्रम, परिवहन, नगर प्रशासन, आईटी और स्वास्थ्य विभाग शामिल होंगे। उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के स्वास्थ्य प्रोफाइल तैयार करने और निजी क्षेत्र की महिला कर्मचारियों को कानूनी सुरक्षा के साथ मातृत्व लाभ सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मंत्री सीतक्का ने कहा, महिला सुरक्षा किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सरकार की समग्र जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की स्वीकृति के बाद जल्द ही प्रमुख योजनाएँ शुरू की जाएंगी।
तेलंगाना में सीतक्का कौन है?
सीतक्का का पूरा नाम दानसरी अनुराधा है। वे तेलंगाना की प्रमुख महिला राजनेता हैं और वर्तमान में राज्य सरकार में मंत्री पद संभाल चुकी हैं। वे विशेष रूप से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए जानी जाती हैं। सामाजिक कार्यों और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है, जिसके कारण वे लोकप्रिय जनप्रतिनिधि मानी जाती हैं।
तेलंगाना पहले किसका हिस्सा था?
यह राज्य पहले संयुक्त आंध्र प्रदेश का हिस्सा था। वर्ष 2014 में इसे अलग राज्य का दर्जा मिला। उससे पहले यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से हैदराबाद रियासत के अधीन था, जिस पर निज़ाम शासन करता था। स्वतंत्रता के बाद हैदराबाद राज्य भारतीय संघ में शामिल हुआ और बाद में भाषाई आधार पर पुनर्गठन के दौरान आंध्र प्रदेश में विलय कर दिया गया।
मुलुगु के मंत्री कौन है?
मुलुगु क्षेत्र से दानसरी अनुराधा, जिन्हें सीतक्का के नाम से जाना जाता है, विधायक के रूप में चुनी गई हैं और राज्य मंत्रिमंडल में भी जिम्मेदारी निभा चुकी हैं। वे आदिवासी बहुल क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं और स्थानीय विकास, वन क्षेत्र से जुड़े अधिकारों तथा ग्रामीण कल्याण योजनाओं पर विशेष ध्यान देती हैं।
सबसे बड़ा मंत्री कौन होता है?
किसी भी राज्य में मंत्रिपरिषद का प्रमुख मुख्यमंत्री होता है। केंद्र स्तर पर मंत्रिपरिषद का नेतृत्व प्रधानमंत्री करता है। यही पद सरकार का सर्वोच्च कार्यकारी पद माना जाता है। मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री ही सभी मंत्रियों के कार्यों का समन्वय करते हैं और प्रशासनिक नीतियों का अंतिम निर्णय लेते हैं।
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