हैदराबाद। तेलंगाना भाजपा ने राज्य कांग्रेस सरकार द्वारा ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) की सीमाओं का विस्तार करते हुए आउटर रिंग रोड (ORR) के भीतर आने वाले 27 स्थानीय निकायों को जीएचएमसी में विलय करने के निर्णय का कड़ा विरोध किया है।
भाजपा मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाने के फैसले के खिलाफ
राज्य भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने कहा कि भाजपा 20 स्थानीय निकायों और 7 नगर निगमों को GHMC में मिलाकर “मेट्रोपॉलिटन सिटी” बनाने के फैसले के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि प्रभावी प्रशासन के लिए विकेंद्रीकरण आवश्यक है, लेकिन कांग्रेस सरकार का यह केंद्रीकरण सार्वजनिक हित के खिलाफ है। प्रेस कांफ्रेंस से पहले भाजपा अध्यक्ष ने कॉरपोरेटर्स और प्रमुख नेताओं के साथ बैठक कर इस विषय पर विस्तृत चर्चा की।
GHMC इतनी बड़ी जनसंख्या संभाल नहीं सकती : भाजपा
राव ने कहा कि प्रस्तावित विलय के बाद GHMC के अधिकार क्षेत्र में 2 करोड़ से अधिक लोग आ जाएंगे, जबकि GHMC पहले से ही वित्तीय और संसाधन संकट से जूझ रही है। ऐसे में यह कदम नवविलयित क्षेत्रों पर अतिरिक्त करों का बोझ बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान नगर पालिकाएँ पहले ही स्वच्छता की कमी, खराब सड़कों, ड्रेनेज समस्याओं, कचरा प्रबंधन की कमजोर व्यवस्था, स्ट्रीटलाइट और जलापूर्ति की उपेक्षा जैसे गंभीर मुद्दों से जूझ रही हैं। ऐसे में उन्हें एक वित्तीय संकटग्रस्त GHMC में विलय करने से समस्याएँ और बढ़ेंगी तथा प्रशासन नागरिकों की जरूरतें पूरी नहीं कर पाएगा।
निर्णय में जनमत की अनदेखी , भाजपा का आरोप
राज्य भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि यह निर्णय बिना किसी जनमत, सर्वदलीय बैठक या लोकल बॉडीज़ के सुझाव लिए ही लिया गया। उन्होंने इसे पूर्व BRS सरकार की तुगलक जैसी नीतियों की पुनरावृत्ति बताया और दावा किया कि निर्णय का उद्देश्य जनहित नहीं बल्कि रियल एस्टेट माफिया के हितों की पूर्ति है।
भाजपा ने निर्णय तत्काल वापस लेने की मांग
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की सरकार शासन की बजाय रियल एस्टेट गतिविधियों पर ज़्यादा ध्यान दे रही है और उदाहरण के तौर पर HILT (Hyderabad Industrial Lands Transformation) नीति का उल्लेख किया, जिसके तहत 9,000 एकड़ से अधिक भूमि के हस्तांतरण का प्रस्ताव है। भाजपा अध्यक्ष ने इस निर्णय को राजनीतिक प्रेरित, अवैज्ञानिक और तर्कहीन बताते हुए सरकार से इसे तुरंत वापस लेने की मांग की।
ग्रेटर हैदराबाद के अंतर्गत क्या आता है?
ग्रेटर हैदराबाद (GHMC) के अंतर्गत हैदराबाद शहर और उसके आसपास के कई शहरी एवं उप-शहरी क्षेत्र शामिल हैं। इनमें शामिल हैं:
- हैदराबाद और सिकंदराबाद
- कुकटपल्ली, गाचीबोवली, माधापुर, जुबली हिल्स, बंजारा हिल्स
- उपल, एलबी नगर, मलकाजगिरी, चरमीनार क्षेत्र
- शहर के कई पुराने और नए सर्कल व वार्ड
- ORR (आउटर रिंग रोड) के भीतर आने वाले अनेक शहरी क्षेत्र
यानी GHMC हैदराबाद महानगर के सभी महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्रों का प्रशासन संभालता है।
तेलंगाना में सबसे बड़ा नगर निगम कौन सा है?
तेलंगाना का सबसे बड़ा नगर निगम – GHMC (Greater Hyderabad Municipal Corporation) – है।
- यह क्षेत्रफल, आबादी और शहरी विस्तार—तीनों में सबसे बड़ा है।
- GHMC भारत के सबसे बड़े नगर निगमों में भी शामिल है।
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