News Hindi : बीआरएस की कार अब सड़क पर नहीं, परमानेंट शेड में रहेगी -एन.वी. सुभाष

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बीआरएस
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हैदराबाद : भाजपा तेलंगाना राज्य के मुख्य प्रवक्ता (Chief Spokesperson) एन.वी. सुभाष ने कहा कि तेलंगाना में एक कार खराब हो गई है। लोगों ने उसे कबाड़ (Scrapyard) में भेज दिया है। उन्होंने कहा कि बीआरएस की कार अब सड़क पर नहीं रहेगी। स्थायी शेड में शिफ्ट हो जाएगी।

केटीआर की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी सुभाष ने

उन्होंने कहा कि बीआरएस के नेता सहानुभूति के आधार पर वोट मांगकर चुनाव जीतने की कोशिश कर रहे हैं, और हम जो कार्यकर्ताओं के बल पर केंद्र द्वारा किए गए विकास का बखान करके चुनाव में जा रहे हैं, दोनों में लोमड़ी और शेर जितना अंतर है। पूरा देश कमल के फूलों से खिलता है। आपकी कार इसी राज्य में खराब हो गई है। केटीआर की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए सुभाष ने कहा कि केटीआर संसदीय चुनावों में जनता द्वारा दिए गए करारा झटके से बौखलाए हुए हैं

अब कार हमेशा के लिए शेड में रहेगी : भाजपा प्रवक्ता

उन्होंने दोनों (कांग्रेस, बीआरएस) को सत्ता दी थी। अब भाजपा को मौका दीजिए। केटीआर अभी भी चुनाव जीतने की अपनी इच्छा की बात कर रहे हैं। लेकिन उन्हें याद रखना चाहिए कि जनता अपना फैसला सुना चुकी है। बीआरएस की गाड़ी कबाड़खाने में भेज दी गई और कमल का फूल खिल गया। इसीलिए केटीआर की गाड़ी अब शेड से अपना आखिरी हॉर्न बजा रही है। पिछले संसदीय चुनावों में तेलंगाना की जनता ने साफ़ संदेश दिया था – बीआरएस बेकार है, गाड़ी खराब हो चुकी है। इसीलिए वह एक भी सीट नहीं जीत पाई। अब, गाड़ी हमेशा के लिए शेड में है। पिछले संसदीय चुनावों में तेलंगाना की जनता ने बीआरएस को पूरी तरह से नकार दिया था। कई जगहों पर तो ज़मानत भी नहीं बची।

बीआरएस पार्टी की स्थापना कब और किसने की थी?

BRS की स्थापना वर्ष 2001 में के. चंद्रशेखर राव (K. Chandrashekar Rao – KCR) ने की थी। पहले इसका नाम तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) था, जिसे 2022 में बदलकर भारत राष्ट्र समिति (BRS) किया गया।

बीआरएस का मुख्य उद्देश्य क्या था?

बीआरएस (TRS के रूप में) का मुख्य उद्देश्य तेलंगाना राज्य का गठन था। पार्टी ने लंबे समय तक तेलंगाना को आंध्र प्रदेश से अलग राज्य बनाने के लिए आंदोलन किया, जो 2014 में सफल हुआ।

तेलंगाना में बीआरएस की वर्तमान स्थिति क्या है?

बीआरएस तेलंगाना में पहले दो बार सत्ता में रही (2014 और 2018 में), लेकिन 2023 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने इसे हरा दिया। इसके बाद बीआरएस राज्य में विपक्ष की भूमिका में है।

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Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

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