हैदराबाद। बिजली दरों और भूमि नीति पर उद्योग जगत की चिंता बढ़ गई है। तेलंगाना के प्रमुख औद्योगिक, व्यापार और वाणिज्य (Commercial) संगठनों ने एक स्वर में राज्य सरकार से हालिया नीतिगत और नियामक फैसलों की समीक्षा करने की मांग की। उनका कहना है कि इन फैसलों से बिजली लागत (Power Costs) में भारी वृद्धि हुई है, निवेश प्रभावित हो रहा है और रोजगार पर खतरा मंडरा रहा है।
लीड केवीएआरएच बिलिंग को अचानक लागू किए जाने पर आपत्ति
फेडरेशन ऑफ तेलंगाना चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एफटीसीसीआई) में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में उद्योग प्रतिनिधियों ने लीड केवीएआरएच बिलिंग को अचानक लागू किए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने बताया कि इससे कई औद्योगिक इकाइयों के बिजली बिल तीन से पांच गुना तक बढ़ गए हैं। उन्होंने इसे तकनीकी रूप से त्रुटिपूर्ण बताते हुए चरणबद्ध क्रियान्वयन और पर्याप्त जागरूकता की मांग की। उद्योग जगत ने क्लीन एंड ग्रीन एनर्जी पॉलिसी के क्रियान्वयन में देरी, सोलर एनओसी जारी न होने, उच्च ओपन एक्सेस शुल्क और रात्रिकालीन टाइम-ऑफ-डे पर 1.50 रुपये प्रति यूनिट की छूट बहाल करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
पुनर्वास और मुआवजे को लेकर स्पष्टता नहीं होने से अनिश्चितता बढ़ी
हैदराबाद इंडस्ट्रियल लैंड्स ट्रांसफॉर्मेशन पॉलिसी के तहत जारी जीओ एमएस नंबर 27 पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि पुनर्वास और मुआवजे को लेकर स्पष्टता नहीं होने से अनिश्चितता बढ़ रही है। उद्योग संगठनों ने तेलंगाना राइजिंग के दृष्टिकोण पर भरोसा जताते हुए कहा कि एकतरफा फैसले निवेश को हतोत्साहित कर सकते हैं।
तेलंगाना ऑयल फेडरेशन के अध्यक्ष कौन है?
तेलंगाना ऑयल फेडरेशन (Telangana State Co-operative Oil Seeds Growers Federation / OilFed) के अध्यक्ष (President / Chairman) Janga Raghava Reddy हैं।
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