हैदराबाद । ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC ) के आयुक्त आर.वी. कर्णन ने मंगलवार को दक्षिण हैदराबाद (South Hyderabad) में यातायात जाम को कम करने के उद्देश्य से विकसित किए जा रहे नलगोंडा एक्स रोड्स–सैदाबाद–आईएस सदन–ओवैसी जंक्शन व्यापक विकास कॉरिडोर के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
परियोजना के तहत 2,530 मीटर लंबा मुख्य फ्लाईओवर
यह कॉरिडोर एक कन्फ्लिक्ट-फ्री ट्रैफिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है। परियोजना के तहत 2,530 मीटर लंबा मुख्य फ्लाईओवर बनाया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत 620 करोड़ रुपये है। यह कार्य ईपीसी/टर्नकी मोड में किया जा रहा है। अधिकारियों ने आयुक्त को बताया कि परियोजना का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। मैदानी स्तर पर निरीक्षण के दौरान आयुक्त आर.वी. कर्णन ने इंजीनियरों और ठेकेदारों को शेष कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए और कहा कि कॉरिडोर को अप्रैल तक हर हाल में चालू किया जाए।
सर्विस रोड्स के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी जल्द
उन्होंने सैदाबाद से धोबीघाट जंक्शन के बीच महत्वपूर्ण हिस्से में कार्यों को निर्बाध रूप से पूरा करने के लिए आवश्यक यातायात डायवर्जन की अनुमति शीघ्र प्राप्त करने के निर्देश भी दिए। सुगम और निर्बाध यातायात व्यवस्था पर जोर देते हुए आयुक्त ने कहा कि सर्विस रोड्स के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को भी जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि कॉरिडोर के जनता के लिए खुलने के बाद यातायात सुचारु रूप से संचालित हो सके। निरीक्षण के दौरान चारमीनार जोनल आयुक्त श्रीनिवास रेड्डी, कार्यकारी अभियंता बी. गोपाल सहित जीएचएमसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
हैदराबाद को ग्रेटर हैदराबाद क्यों कहा जाता है?
हैदराबाद शहर के तेज़ी से विस्तार के कारण 2007 में आसपास की नगरपालिकाओं, ग्राम पंचायतों और छावनी क्षेत्रों को मिलाकर ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (GHMC) बनाया गया। बड़े प्रशासनिक क्षेत्र और एकीकृत शहरी प्रबंधन को दर्शाने के लिए इसे “ग्रेटर हैदराबाद” कहा जाता है।
ग्रेटर हैदराबाद की सीमाएं क्या हैं?
ग्रेटर हैदराबाद लगभग 650 वर्ग किलोमीटर में फैला है। इसमें:
- हैदराबाद और सिकंदराबाद
- आसपास की पूर्व नगरपालिकाएँ और उपनगर
- कुछ छावनी और ग्रामीण क्षेत्र
शामिल हैं। प्रशासनिक रूप से यह हैदराबाद ज़िले और आसपास के हिस्सों को कवर करता है।
जीएचएमसी की जनसंख्या कितनी है?
- 2011 की जनगणना के अनुसार: लगभग 77–78 लाख (7.75 मिलियन)
- वर्तमान अनुमान (अनाधिकारिक): लगभग 1 करोड़ (10 मिलियन) या उससे अधिक, क्योंकि पिछले वर्षों में तेज़ शहरीकरण हुआ है।
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