6.90 लाख मूल्य के 345 चीनी मांझा बॉबिन बरामद
हैदराबाद। कमिश्नर टास्क फोर्स, वेस्ट ज़ोन (West Zone) की टीम ने विश्वसनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित नायलॉन कोटेड चीनी मांझा की अवैध खरीद एवं बिक्री में संलिप्त एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को कालापाथर पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत डेक्कन बेकरी, साधु काइट शॉप, कालापत्थर, हैदराबाद से पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद शज़ैब (42 वर्ष), पिता मोहम्मद अनीस, पेशा पतंग व्यवसाय, निवासी गुंटल शाह बाबा की दरगाह, वटापल्ली (Vatapalli), हैदराबाद के रूप में हुई है। आरोपी के पास से प्रतिबंधित सामग्री, मोनोफिल गोल्ड – सिंथेटिक नायलॉन कोटेड चीनी मांझा 345 बॉबिन बरामद हुआ है। बरामद सामाग्री का मूल्य 6 लाख 90 हजार बताया जा रहा है।
कालापत्थर क्षेत्र में पतंग व्यवसाय करता है आरोपी
पुलिस ने बताया कि आरोपी कालापत्थर क्षेत्र में पतंग व्यवसाय करता है। शीघ्र धन कमाने के उद्देश्य से उसने अवैध रूप से प्रतिबंधित चीनी मांझा की खरीद की। जांच में सामने आया कि आरोपी ने यह प्रतिबंधित मांझा अपने सहयोगी विक्रम मेहता, निवासी करनाल (हरियाणा) से प्राप्त किया, जिसने हरियाणा से चीनी मांझा मंगवाकर हैदराबाद पहुंचाया। आरोपी इसे 2,000 प्रति बॉबिन की दर से बेच रहा था। गौरतलब है कि तेलंगाना राज्य सरकार ने पक्षियों और मानव जीवन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जनवरी 2016 में पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 5 के तहत चीनी मांझा (नायलॉन धागा) की खरीद, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है।
5 वर्ष तक की कैद या 1 लाख तक का जुर्माना
इस आदेश का उल्लंघन करने पर 5 वर्ष तक की कैद या 1 लाख तक का जुर्माना अथवा दोनों दंड का प्रावधान है। गिरफ्तार आरोपी को जब्त सामग्री सहित आगे की जांच एवं कानूनी कार्रवाई के लिए कालापाथर थाना प्रभारी (एसएचओ) को सौंप दिया गया है। यह कार्रवाई वेस्ट ज़ोन टास्क फोर्स के इंस्पेक्टर च. यदेंदर, एसआईपी जी. संदीप रेड्डी तथा उनकी टीम के पर्यवेक्षण में की गई।
पतंग काटने के लिए सबसे अच्छा मांझा कौन सा है?
परंपरागत तरीके से तैयार किया गया सूती मांझा पतंग काटने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। इसमें सूती धागे पर गोंद और कांच का बारीक चूर्ण लगाया जाता है, जिससे धार बनती है और मुकाबले में पतंग आसानी से कट जाती है। यह मांझा नियंत्रण में रहता है और अपेक्षाकृत कम खतरनाक होता है, इसलिए इसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
चाइना मांजा क्या है?
नायलॉन या सिंथेटिक धागे से बना अत्यंत धारदार मांझा चाइना मांजा कहलाता है। इसमें कांच या धातु के महीन कण मिलाए जाते हैं, जिससे यह बहुत तेज और खतरनाक हो जाता है। इससे पक्षियों, पैदल यात्रियों और वाहन चालकों को गंभीर चोटें लगने की घटनाएं सामने आई हैं, इसलिए भारत के कई राज्यों में इस पर प्रतिबंध लगाया गया है।
मांझा क्या होता है?
पतंग उड़ाने में उपयोग किया जाने वाला विशेष प्रकार का मजबूत धागा मांझा कहलाता है। यह साधारण धागे से अलग होता है क्योंकि इसे पतंग लड़ाने के लिए धारदार बनाया जाता है। त्योहारों और पतंगबाजी के समय इसका इस्तेमाल अधिक होता है। पारंपरिक मांझा संस्कृति और खेल से जुड़ा माना जाता है, जबकि आधुनिक मांझों के उपयोग में सावधानी जरूरी होती है।
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