Politics : केटीआर ने आपदा की दी चेतावनी

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मंजीरा बैराज की उपेक्षा को लेकर केटीआर ने की कांग्रेस की आलोचना

हैदराबाद। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (केटीआर) ने जुराला परियोजना (Project) के 62 शिखर द्वारों में से एक की रस्सी केबल टूटने के 24 घंटे से भी कम समय बाद मंजीरा बैराज को हुए संरचनात्मक नुकसान पर चिंता जताई है। उन्होंने प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं में बार-बार होने वाली घटनाओं के लिए कांग्रेस (Congress) सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि समय पर संचालन और रखरखाव में इसकी विफलता इसकी विफलता है।

सरकार की निष्क्रियता के कारण गंभीर खतरे का सामना कर रहा बैराज

रामा राव ने एक बयान में कहा कि हैदराबाद और आस-पास के इलाकों के लिए पीने के पानी का एक प्रमुख स्रोत मंजीरा बैराज अब सरकार की निष्क्रियता के कारण गंभीर खतरे का सामना कर रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य बांध सुरक्षा संगठन (एसडीएसओ) की 22 मार्च की रिपोर्ट में गंभीर मुद्दों को चिन्हित किए जाने के बावजूद, कोई मरम्मत कार्य नहीं किया गया।

अभूतपूर्व बाढ़ के कारण बैराज के खंभों में पड़ गई हैं दरारें

उन्होंने कहा कि यह रेवंत रेड्डी सरकार की अक्षमता और सिंचाई और पेयजल बुनियादी ढांचे के प्रति उदासीनता का स्पष्ट संकेत है। रामा राव ने कहा कि अभूतपूर्व बाढ़ के कारण बैराज के खंभों में दरारें पड़ गई हैं, एप्रन का क्षरण हो गया है और स्पिलवे को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों की चेतावनियों के बावजूद सरकार कोई कार्रवाई करने में विफल रही। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कांग्रेस सरकार ने मेदिगड्डा बैराज पर मरम्मत का काम शुरू नहीं किया था, जिसे भी इसी तरह का नुकसान हुआ था।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा दोनों ने चुनावों के दौरान मेदिगड्डा मुद्दे का राजनीतिकरण किया था, लेकिन अब मंजीरा की स्थिति पर चुप हैं। रामा राव ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यह बांध टूटता है, तो यह मानव निर्मित आपदा होगी। अगर यह सरकार राजनीतिक सुविधा के लिए महत्वपूर्ण मरम्मत को नजरअंदाज करती रही, तो इतिहास उसे माफ नहीं करेगा।

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लेखक परिचय

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