Telangana : बोर्ड को वित्तपोषित करने के लिए गिग सेवाओं पर सरकार लगाएगी 1-2 प्रतिशत उपकर

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गिग वर्कर्स एक्ट का हिस्सा है अतिरिक्त शुल्क प्रस्तावित

हैदराबाद। राज्य सरकार गिग वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड (Board) के लिए राजस्व जुटाने के लिए गिग प्लेटफार्मों द्वारा उत्पन्न बिलों पर एक से दो प्रतिशत का उपकर लगाने का प्रस्ताव कर रही है। उपभोक्ताओं द्वारा वहन किया जाने वाला यह अतिरिक्त शुल्क प्रस्तावित गिग वर्कर्स एक्ट (Act) का हिस्सा है, जिसे जल्द ही पेश किए जाने की उम्मीद है। एक्ट का मसौदा पहले ही तैयार हो चुका है और श्रम विभाग ने शुक्रवार को हैदराबाद में एग्रीगेटर्स और श्रमिकों के साथ चर्चा की।

नाममात्र का उपकर बोर्ड के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से लगाया गया

मीडियाकर्मियों को जानकारी देते हुए श्रम मंत्री विवेक वेंकट स्वामी ने कहा कि नाममात्र का उपकर बोर्ड के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से लगाया गया है। उन्होंने कहा कि एक से दो प्रतिशत का उपकर नाममात्र का है। उपभोक्ताओं पर इसका बहुत बड़ा बोझ नहीं पड़ना चाहिए। राज्य में करीब 4.5 लाख गिग वर्कर हैं। मसौदा विधेयक को फीडबैक के लिए सार्वजनिक डोमेन में रखा गया है। अब तक एग्रीगेटर्स और वर्कर्स यूनियनों से 66 सुझाव प्राप्त हुए हैं। यह गिग वर्कर्स एक्ट को लागू करने की दिशा में पहला कदम है। मंत्री ने कहा कि शुरुआती चरण में श्रमिकों का पंजीकरण, बोर्ड का गठन और संबंधित उपाय शामिल होंगे।

बीमा कवरेज की भी मांग

कर्मचारियों ने बीमा कवरेज की भी मांग की है। सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि बोर्ड इस पर फैसला लेगा। उन्होंने कहा कि इन सभी पहलुओं को अंतिम विधेयक में शामिल किया जाएगा, जिसे मंजूरी के लिए कैबिनेट के पास भेजा जाएगा। उम्मीद है कि अगले विधानसभा सत्र में विधेयक पारित हो जाएगा।

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