GHMC : हैदराबाद में जनगणना-2027 की तैयारी तेज, स्व-गणना पर विशेष जोर

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जनगणना-2027
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हैदराबाद। ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) क्षेत्र में जनगणना-2027 के आयोजन हेतु तैयारियां तीव्र गति से चल रही हैं। इस क्रम में कुल 19,865 गृह-सूचीकरण खंड (एचएलबी) तैयार किए जा चुके हैं तथा सभी क्षेत्रों में डिजिटल मानचित्रण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। जनगणना के लिए प्रगणकों (एन्यूमरेटर) एवं पर्यवेक्षकों की नियुक्ति और प्रशिक्षण प्रक्रिया प्रगति पर है। निदेशक, डीसीओ – तेलंगाना भारती हॉलिकेरी जनगणना-2027 के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ की गई स्व-गणना व्यवस्था के माध्यम से नागरिक अपने परिवार का विवरण स्वयं ऑनलाइन (Online) दर्ज कर सकेंगे।

“स्व-गणना महोत्सव – 15 दिवस” शीर्षक से व्यापक प्रचार अभियान

यह प्रक्रिया 26 अप्रैल 2026 से 10 मई 2026 तक संचालित होगी तथा इसे पूर्ण करने में लगभग 15–20 मिनट का समय लगेगा। जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जीएचएमसी द्वारा “स्व-गणना महोत्सव – 15 दिवस” शीर्षक से व्यापक प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत व्हाट्सऐप संदेशों, सार्वजनिक घोषणाओं, मेट्रो, बसों, होर्डिंग्स तथा विद्यालयों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

जनगणना-2027

साथ ही वार्ड स्तर पर घर-घर जाकर भी नागरिकों को सहायता प्रदान की जाएगी। जीएचएमसी ने अपने क्षेत्र में न्यूनतम 5 प्रतिशत स्व-गणना सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। विशेष रूप से अपार्टमेंट, मिश्रित क्षेत्रों तथा झुग्गी बस्तियों में इस पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इस अवसर पर जीएचएमसी आयुक्त आर. वी. कर्णन ने नगरवासियों से अपील की कि वे स्व-गणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाकर नगर के समग्र विकास में सहयोग करें।

जीएचएमसी का क्या अर्थ है?

जीएचएमसी का पूरा नाम ग्रेटर हैदराबाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (Greater Hyderabad Municipal Corporation) है। यह हैदराबाद शहर और आसपास के क्षेत्रों के शहरी प्रशासन, सफाई, सड़क, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट, भवन अनुमति और संपत्ति कर जैसी सेवाओं का प्रबंधन करता है। यह तेलंगाना की सबसे बड़ी नगर निकाय संस्थाओं में से एक है और शहर के विकास तथा नागरिक सुविधाओं की जिम्मेदारी संभालता है।

हैदराबाद में जीएचएमसी का क्षेत्रफल कितना है?

ग्रेटर हैदराबाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन का क्षेत्रफल लगभग 650 वर्ग किलोमीटर से अधिक माना जाता है। इसमें हैदराबाद शहर के साथ कई आसपास के शहरी और उपनगरीय क्षेत्र शामिल हैं। यह विस्तार शहर की बढ़ती आबादी और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया था। बड़े क्षेत्र के कारण जीएचएमसी को कई जोन और सर्किल में विभाजित किया गया है ताकि बेहतर प्रशासन संभव हो सके।

जीएचएमसी संपत्ति कर की गणना कैसे की जाती है?

संपत्ति कर की गणना भवन के उपयोग, स्थान, क्षेत्रफल, निर्माण प्रकार और वार्षिक किराया मूल्य (Annual Rental Value) के आधार पर की जाती है। आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों के लिए दरें अलग हो सकती हैं। जीएचएमसी इन मानकों के अनुसार कर निर्धारित करता है, जिसमें कुछ अतिरिक्त शुल्क भी शामिल हो सकते हैं। सही जानकारी के लिए संपत्ति विवरण के अनुसार आधिकारिक कर रिकॉर्ड देखना सबसे उचित होता है।

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Ajay Kumar Shukla

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Ajay Kumar Shukla

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