पानी के लिए तरस रहे लोग
मध्य प्रदेश के रीवा जिले के धुरकुच गांव में हालात बेहद खराब हैं। यहां के लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। बिजली की कटौती, खराब नल और पानी की कमी ने ग्रामीणों का जीवन मुश्किल बना दिया है।
रीवा जिले के धुरकुच गांव में एक महीने से बिजली गुल होने के कारण पानी का संकट गहराया हुआ है. भीषण गर्मी में ग्रामीणों को 2 किलोमीटर दूर जाकर नदी का गंदा पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है।
Rewa News: रीवा जिले के सिरमौर (Rewa) विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत डभौरा के ग्राम धुरकुच (वार्ड क्रमांक 07) से विकास के दावों की पोल खोलने वाली तस्वीर सामने आई है. यहां के ग्रामीण पिछले एक महीने से बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं. हालात इतने खराब हैं कि लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं और मजबूरी में कई किलोमीटर दूर जाकर नदी का गंदा पानी पीने को विवश हैं।
भीषण गर्मी में बढ़ी परेशानी
इन दिनों रीवा जिले में तापमान 45 डिग्री (45 degrees) के पार पहुंच चुका है, जिससे हालात और भी गंभीर हो गए हैं. गांव में पानी की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीणों को लगभग 2 किलोमीटर दूर नदी तक जाना पड़ रहा है. वहां भी साफ पानी नहीं, बल्कि पत्थरों के बीच गड्ढे खोदकर पानी निकालना पड़ रहा है।
बिजली कटने से ठप हुई जल व्यवस्था
ग्रामीणों के अनुसार, करीब एक महीने पहले अज्ञात लोगों द्वारा बिजली के तार काट दिए गए थे. इसके बाद से गांव में बिजली सप्लाई पूरी तरह बंद है. गांव में लगे शासकीय हैंडपंप और मोटरें बिजली के अभाव में बेकार पड़ी हैं और सिर्फ लोहे का ढांचा बनकर रह गई हैं।
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शिकायतों के बावजूद नहीं हुई सुनवाई
ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला. न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
प्रशासन का जवाब
इस पूरे मामले पर जिला कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि उन्हें इस समस्या की जानकारी नहीं थी. अब जानकारी मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर जल्द समाधान कराने की बात कही गई है. ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल की जाए और पीने के पानी की समुचित व्यवस्था की जाए, ताकि इस भीषण गर्मी में उन्हें राहत मिल सके।
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