दिनभर का बाजार हाल
भारतीय शेयर बाजार में आज मजबूत खरीदारी देखने को मिली।
- BSE Sensex 609 अंकों की बढ़त के साथ 77,496 पर बंद हुआ
- Nifty 50 भी 182 अंक चढ़कर हरे निशान में बंद हुआ
शेयर बाजार में आज यानी 29 अप्रैल को बढ़त रही। सेंसेक्स 609 अंक (0.79%) की तेजी के साथ 77,496 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 182 अंक (0.76%) की तेजी रही, ये 24,178 पर बंद हुआ। आज ऑटो, IT, रियल्टी और (FMCG) शेयर्स में ज्यादा खरीदारी रही।
एक्सपर्ट्स के अनुसार (UAE) के तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक और ओपेक+ से बाहर निकलने की घोषणा का बाजार पर पॉजिटिव असर दिखा है। इससे ओपेक की कच्चे तेल की कीमतों पर नियंत्रण करने की ताकत कमजोर होगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें गिर सकती हैं, जिसका सीधा फायदा भारत जैसे बड़े आयातक देशों को होगा।
अन्य पढ़े: IRAN- ईरान की ‘माजिद’ तकनीक पर चर्चा, एफ-15ई को लेकर दावों से बढ़ी हलचल
| सेंसेक्स | 77496 | +609 | +0.79% |
| निफ्टी | 24178 | +182 | +0.76% |
| निफ्टी मिडकैप 50 | 17,029 | -11 | -0.06% |
| निफ्टी स्मॉलकैप 50 | 8,832.90 | +44 | +0.51% |
निफ्टी टॉप गेनर
| शेयर | करंट प्राइज | कितना बढ़ा | %चेंज |
| आईटीसी | 316 | 11.55 | 3.79 |
| टेक महिंद्रा | 1455 | 46.60 | 3.31 |
| रिलायंस इंडस्ट्रीज | 1430 | 41.10 | 2.96 |
निफ्टी टॉप लूजर
| शेयर | करंट प्राइज | कितना घटा | %चेंज |
| इंडिगो | 4340 | 102.40 | 2.31 |
| डॉ. रेड्डीज | 1328 | 26.90 | 1.99 |
| NTPC | 400 | 6.75 | 1.66 |
एशियाई बाजार में आज मिला-जुला कारोबार रहा
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| कोस्पी (साउथ कोरिया) | 6691 | +50 | +0.75% |
| निक्केई (जापान) | 59917 | -620 | -1.02% |
| हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) | 26112 | +432 | +1.68% |
28 अप्रैल को अमेरिकी बाजार में गिरावट रही
| इंडेक्स | लेवल | पॉइंट चेंज | परसेंट चेंज |
| डाउ जोन्स | 49142 | -26 | -0.05% |
| नैस्डैक | 24664 | -223 | -0.90% |
| S&P 500 | 7139 | -35 | -0.49% |
28 अप्रैल को FII ने 2,104 करोड़ रुपए के शेयर बेचे
| कैटेगरी | 28 अप्रैल | बीते 7 दिन | बीते 30 दिन |
| DII | 1,712 | 11,478 | 45,315 |
| FII/FPI | -2,104 | -15,338 | -59,619 |
कच्चा तेल 110 डॉलर के पार ट्रेड कर रहा
ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। बाजार में तेल की मजबूत डिमांड और ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ को लेकर चिंता बढ़ी है जिस वजह से ये तेजी आई है। हॉर्मुज को तेल की सप्लाई के लिए सबसे अहम रास्ता माना जाता है।
अन्य पढ़े: