हैदराबाद । तेलंगाना के पशुपालन, मत्स्य पालन, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री (Minister) वाकिटी श्रीहरि ने राजेंद्रनगर स्थित राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड के कार्यालय में केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं दुग्ध विकास मंत्री (Union Minister) राजीव रंजन सिंह से भेंट की। बैठक में मत्स्य विभाग की निदेशक निखिला, पशुपालन विभाग के अधिकारी लक्ष्मी नारायण तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
विभिन्न योजनाओं की जानकारी केंद्रीय मंत्री को दी
इस दौरान वाकिटी श्रीहरि ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में तेलंगाना में पशुपालन, दुग्ध विकास एवं मत्स्य क्षेत्र में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी केंद्रीय मंत्री को दी। उन्होंने इन योजनाओं के परिणामों को भी विस्तार से बताते हुए केंद्र सरकार से निरंतर सहयोग और समर्थन का आग्रह किया। बैठक में जलीय कृषि को प्रोत्साहन, जीवन विज्ञान क्षेत्र में बीमा सुविधा तथा संसाधनों के न्यायसंगत वितरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने इन प्रस्तावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए विचार करने का आश्वासन दिया। वाकिटी श्रीहरि ने कहा कि केंद्र राज्यों का संघ है, इसलिए सभी राज्यों के बीच धन का समान वितरण होना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार तेलंगाना के लिए केंद्र से पर्याप्त धनराशि प्राप्त करने में विफल रही।
100 प्रमुख जल भंडारण परियोजनाओं के विकास पर विशेष ध्यान
राज्य की विकास प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि सरकार गोदावरी और कृष्णा नदियों के बीच स्थित 46,000 बड़े जलाशयों, 26,000 छोटे जलाशयों तथा 100 प्रमुख जल भंडारण परियोजनाओं के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। बैठक में राजेंद्रनगर से राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड को स्थानांतरित किए जाने की आशंका का विषय भी उठाया गया। इस पर राजीव रंजन सिंह ने स्पष्ट किया कि बोर्ड को स्थानांतरित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है और यह यथावत राजेंद्रनगर में ही कार्य करता रहेगा।
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