हैदराबाद। नर्मेटा में आयोजित किसान उत्सव कार्यक्रम में मंत्री पोन्नम प्रभाकर (Ponnam Prabhakar) ने ‘श्री पराभव नाम संवत्सर’ उगादी की शुभकामनाएं देते हुए किसानों के कल्याण और आधुनिक खेती पर विशेष जोर दिया। मंत्री ने बताया कि किसान उत्सव के तहत 150 स्टॉल स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से किसानों को फसल चक्र परिवर्तन, वैज्ञानिक पद्धतियों और आधुनिक तकनीक के उपयोग से अधिक उत्पादन प्राप्त करने के बारे में जागरूक किया जाएगा। यह जागरूकता कार्यक्रम तीन दिनों तक जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि करीमनगर, सिद्दीपेट, जनगांव, मेडक, भुवनगिरी, हनमकोंडा और वारंगल जिलों से अधिक से अधिक किसान इस कार्यक्रम में भाग लेकर नई कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त करें। मंत्री ने जानकारी दी कि 22 मार्च को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (Chief Minister Revanth Reddy) नर्मेटा में ऑयल पाम फैक्ट्री का उद्घाटन करेंगे।
प्रति घंटे 30 टन तक क्रशिंग कर सकती हैं अत्याधुनिक मशीनें
इस फैक्ट्री में अत्याधुनिक मशीनें लगाई गई हैं, जो प्रति घंटे 30 टन तक क्रशिंग कर सकती हैं और उत्पादन बढ़ने पर यह क्षमता 150 टन प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि देश को हर साल बड़े पैमाने पर खाद्य तेल का आयात करना पड़ता है, जिससे विदेशी मुद्रा का नुकसान होता है। ऐसे में ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा देना जरूरी है। केंद्र सरकार भी इस दिशा में प्रोत्साहन दे रही है और किसान अंतरवर्ती फसलें भी उगा सकते हैं।
मंत्री ने क्षेत्र के किसानों से अपील की कि वे ऑयल पाम की खेती अपनाकर अधिक लाभ प्राप्त करें। उन्होंने विशेष रूप से सिद्दीपेट और हुस्नाबाद क्षेत्र के किसानों से इस दिशा में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कोहेडा मंडल में पहले से ही बड़े पैमाने पर ऑयल पाम की खेती हो रही है और इससे किसानों को अच्छा लाभ मिल रहा है।
ऑयल पाम खेती का राजनीति से कोई संबंध नहीं
पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि यह कार्यक्रम उगादी के अवसर पर किसानों की समृद्धि के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि ऑयल पाम खेती का राजनीति से कोई संबंध नहीं है और सभी मिलकर किसानों के हित में काम करेंगे। उन्होंने पूर्व अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि जैसे गुजरात में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिला, उसी तरह तेलंगाना में ऑयल पाम उत्पादन को बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अंत में उन्होंने कहा कि सरकार राजनीतिक भेदभाव से ऊपर उठकर किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
ऑयल पाम क्या होता है?
पाम एक उष्णकटिबंधीय पेड़ है, जिसका वैज्ञानिक नाम Elaeis guineensis है। इसके फलों से पाम ऑयल और पाम कर्नेल ऑयल निकाला जाता है। यह पेड़ मुख्य रूप से अफ्रीका, दक्षिण-पूर्व एशिया और भारत के कुछ हिस्सों में उगाया जाता है। इसकी खेती व्यावसायिक रूप से की जाती है क्योंकि इससे बहुत अधिक मात्रा में तेल प्राप्त होता है, जो खाद्य और औद्योगिक उपयोगों में काम आता है।
पाम ऑयल कितने रुपए किलो है?
ऑयल की कीमत बाजार, ब्रांड और गुणवत्ता के अनुसार बदलती रहती है। भारत में सामान्यतः इसकी कीमत लगभग 90 से 140 रुपये प्रति किलो के बीच होती है। थोक बाजार में यह सस्ता मिल सकता है, जबकि पैकेट में बिकने वाला रिफाइंड पाम ऑयल थोड़ा महंगा होता है। अंतरराष्ट्रीय कीमतों, आयात शुल्क और मांग-आपूर्ति के आधार पर इसमें समय-समय पर उतार-चढ़ाव भी देखने को मिलता है।
पाम ऑयल खाने के क्या फायदे हैं?
ऑयल में विटामिन E और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। इसमें संतुलित फैटी एसिड होते हैं, जो ऊर्जा प्रदान करते हैं। यह खाना पकाने के लिए किफायती विकल्प भी है और लंबे समय तक खराब नहीं होता। हालांकि, इसका सेवन सीमित मात्रा में करना बेहतर माना जाता है, क्योंकि अधिक उपयोग से हृदय स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
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