हैदराबाद । संक्रांति त्योहार के दौरान यात्रियों की संभावित बढ़ी हुई संख्या को ध्यान में रखते हुए दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) ने यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई उपाय किए हैं। सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए 17 टिकट बुकिंग काउंटर और 20 ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनें (ATVM) संचालित की जा रही हैं।
रेलवन मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करने पर जोर
यात्रियों को टिकटिंग सेवाओं के लिए रेलवन मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, भारतीय रेलवे ने डिजिटल भुगतान माध्यमों के जरिए रेलवन मोबाइल एप के माध्यम से अनारक्षित टिकट बुक करने पर 3 प्रतिशत की छूट की घोषणा की है। यह रियायत 14 जनवरी 2026 से 14 जुलाई 2026 तक लागू रहेगी और इसका उद्देश्य कैशलेस लेन-देन को बढ़ावा देना तथा यात्रियों की सुविधा में वृद्धि करना है। संक्रांति त्योहार अवधि के दौरान सिकंदराबाद स्टेशन पर प्रतिदिन औसतन लगभग 2.20 लाख यात्रियों, लिंगमपल्ली स्टेशन पर 50 हजार तथा चेर्लापल्ली स्टेशन पर 35 हजार यात्रियों की आवाजाही रहने की संभावना है।
यात्रियों को नियंत्रित करने के लिए ग्राउंड ऑपरेशन टीम तैनात
यात्रियों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए सिकंदराबाद स्टेशन पर टीटीई और आरपीएफ कर्मियों की ग्राउंड ऑपरेशन टीम तैनात की गई है। सभी प्रवेश और निकास बिंदुओं पर अतिरिक्त टीटीई और आरपीएफ कर्मियों की भी तैनाती की गई है। स्टेशनों पर कड़ी निगरानी के लिए सीसीटीवी सर्विलांस कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है तथा मंडल मुख्यालय में 24×7 वार रूम संचालित किया जा रहा है। सुरक्षा के मद्देनज़र निर्माण स्थलों को पूरी तरह बैरिकेड किया गया है और यात्रियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए प्रवेश एवं निकास मार्गों से सभी अवरोध हटा दिए गए हैं।
सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर पुनर्विकास कार्यों के चलते पार्किंग सुविधा अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई है, जबकि प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर सीमित पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ की सुविधा उपलब्ध है। यात्रियों की तेज़ आवाजाही को सुगम बनाने के लिए प्लेटफॉर्म नंबर 10 की ओर भोईगुड़ा प्रवेश द्वार पर स्थित पार्किंग एक्सेस कंट्रोल सिस्टम को अस्थायी रूप से हटाया गया है।
प्लेटफॉर्म नंबर 10 के बेसमेंट पार्किंग परिसर को उपयोग करने की सलाह
यात्रियों को प्लेटफॉर्म नंबर 10 के बेसमेंट पार्किंग परिसर का उपयोग करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, 7 जनवरी 2026 से 20 जनवरी 2026 तक हाइटेक सिटी स्टेशन पर 16 ट्रेनों तथा चेर्लापल्ली स्टेशन पर 11 ट्रेनों को अतिरिक्त ठहराव प्रदान किया गया है। लिंगमपल्ली स्टेशन पर 10 ट्रेनों को 30 अप्रैल 2026 तक अस्थायी ठहराव की सुविधा दी गई है। लिंगमपल्ली स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर सामान की जांच (बैगेज स्क्रीनिंग) की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे इन स्टेशनों पर उपलब्ध अतिरिक्त ठहराव सुविधाओं का उपयोग करें और भीड़भाड़ वाले समय में स्टेशन पर पर्याप्त समय पहले पहुंचें।
14 जनवरी को क्यों मकर संक्रांति हुई?
संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के कारण मनाई जाती है। सूर्य जब धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करता है, उसी दिन मकर संक्रांति होती है। यह खगोलीय घटना सामान्यतः 13 या 14 जनवरी को होती है।
भारत में प्रचलित पंचांग के अनुसार इस वर्ष सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी को हुआ, इसलिए उसी दिन मकर संक्रांति मनाई गई।
मकर संक्रांति का पर्व क्यों मनाया जाता है?
संक्रांति का धार्मिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक महत्व है:
- धार्मिक महत्व
- इस दिन से उत्तरायण की शुरुआत होती है, जिसे शुभ माना जाता है।
- गंगा स्नान, दान-पुण्य और सूर्य देव की पूजा का विशेष महत्व है।
- मान्यता है कि इस दिन किया गया दान कई गुना फल देता है।
- वैज्ञानिक महत्व
- सूर्य उत्तर दिशा की ओर बढ़ता है, जिससे दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं।
- यह परिवर्तन स्वास्थ्य और ऊर्जा के लिए लाभकारी माना जाता है।
- कृषि और सांस्कृतिक महत्व
- यह नई फसल के आगमन का पर्व है।
- देश के अलग-अलग हिस्सों में इसे अलग नामों से मनाया जाता है—
- पोंगल (तमिलनाडु)
- उत्तरायण (गुजरात)
- बिहू (असम)
- खिचड़ी (उत्तर प्रदेश)
संक्षेप में, मकर संक्रांति सूर्य की गति में परिवर्तन और नए जीवन चक्र की शुरुआत का उत्सव है।
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