हैदराबाद। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी (Chief Minister A. Revanth Reddy) ने एमसीआर एचआरडी बोधि पवेलियन में उद्योग विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उद्योग मंत्री दुडिल्ला श्रीधर बाबू, मुख्य सचिव रामकृष्णा राव, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव अजीत रेड्डी, तेलंगाना इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन (टीजीआईआईसी ) के वाइस चेयरमैन शशांक, उद्योग विभाग के आयुक्त निखिल चक्रवर्ती, आईटी विभाग के संयुक्त सचिव अनुदीप दुरिशेट्टी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में भारत फ्यूचर सिटी (India Future City) में भूमि आवंटन, औद्योगिक इकाइयों की स्थापना तथा बुनियादी ढांचे के विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि फ्यूचर सिटी के डिजाइन नेट जीरो सिटी की तर्ज पर तैयार किए जाएं तथा बुनियादी सुविधाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर की हों।
जून में इंडस्ट्रियल पार्क का शिलान्यास कराने पर जोर
उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विश्वस्तरीय शहरों का अध्ययन करने और उसी अनुरूप योजनाएं तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास पूरा होने के बाद ही भूमि आवंटन किया जाए। साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियों और संस्थानों को फ्यूचर सिटी में आकर्षित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। उन्होंने फ्यूचर सिटी में जनप्रतिनिधियों, सिविल सेवा अधिकारियों और पत्रकारों के लिए 500 एकड़ भूमि आरक्षित रखने का सुझाव भी दिया। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित हेल्थ क्लस्टर को फ्यूचर सिटी में लाने के प्रयासों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलकर हेल्थ क्लस्टर आवंटित करने का अनुरोध किया जाएगा।
शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित किया जाए
रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जून महीने में फ्यूचर सिटी इंडस्ट्रियल पार्क में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित किया जाए। उन्होंने कहा कि भूमि आवंटन के तुरंत बाद उद्योगों का निर्माण कार्य शुरू करने की अनिवार्य शर्त लागू की जाए। मुख्यमंत्री ने निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से “इन्वेस्ट तेलंगाना” नाम से विशेष सेल स्थापित करने, आकर्षक लोगो और वेबसाइट तैयार करने तथा इसके लिए अलग कार्यालय बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश करने वाले उद्यमियों की सुविधा के लिए एस्कॉर्ट ऑफिसर व्यवस्था लागू की जाए तथा ग्रुप-1 स्तर के अधिकारियों को एस्कॉर्ट ऑफिसर नियुक्त करने की संभावनाओं का अध्ययन किया जाए।
औद्योगिक नीतियों का अध्ययन करने पर भी दिया गया जोर
बैठक में तमिलनाडु और गुजरात की औद्योगिक नीतियों का अध्ययन करने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही 1500 एकड़ क्षेत्र में डेटा सिटी विकसित करने की योजना पर चर्चा करते हुए कहा कि डेटा सिटी की जल आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए एसटीपी का उपयोग किया जाए। रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जीसीसी (ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स) और डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए करीमनगर, वारंगल तथा विजयवाड़ा रोड के समीप उपलब्ध सरकारी भूमि की पहचान की जाए। उन्होंने द्वितीय श्रेणी के शहरों में जीसीसी स्थापित करने पर केंद्रित नई नीति तैयार करने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि अगले तीन महीनों के भीतर सभी सरकारी कार्यालयों को टी-फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जाए।
हैदराबाद में मुस्लिम आबादी कितनी है?
मुस्लिम समुदाय की आबादी काफी बड़ी मानी जाती है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार शहर में लगभग 40 प्रतिशत के आसपास मुस्लिम आबादी दर्ज की गई थी। यहां हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और अन्य समुदायों के लोग साथ रहते हैं। पुराना शहर क्षेत्र विशेष रूप से मुस्लिम संस्कृति, बाजारों और ऐतिहासिक इमारतों के लिए जाना जाता है। नई जनगणना के बाद आंकड़ों में बदलाव संभव हो सकता है।
हैदराबाद किस राज्य में है?
दक्षिण भारत के तेलंगाना राज्य की राजधानी है। यह शहर आईटी उद्योग, ऐतिहासिक स्थलों और व्यापारिक गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध माना जाता है। वर्ष 2014 में तेलंगाना राज्य बनने के बाद हैदराबाद इसकी राजधानी बना रहा। आधुनिक विकास और ऐतिहासिक विरासत का मिश्रण इस शहर की खास पहचान है। देश के प्रमुख महानगरों में इसका नाम शामिल किया जाता है।
हैदराबाद किस लिए प्रसिद्ध है?
चारमीनार, बिरयानी और आईटी उद्योग के कारण यह शहर देशभर में प्रसिद्ध माना जाता है। यहां ऐतिहासिक इमारतें, बड़े बाजार और आधुनिक तकनीकी कंपनियां एक साथ देखने को मिलती हैं। चारमीनार और हाईटेक सिटी प्रमुख आकर्षण माने जाते हैं। मोतियों के व्यापार और स्वादिष्ट भोजन के कारण भी इसकी अलग पहचान है। पर्यटन, शिक्षा और व्यापार के क्षेत्र में यह शहर महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
हैदराबाद में कौन सी भाषा बोली जाती है?
यहां मुख्य रूप से तेलुगु और उर्दू भाषाएं बोली जाती हैं। इसके अलावा हिंदी और अंग्रेजी का उपयोग भी बड़े पैमाने पर होता है। अलग-अलग राज्यों से आए लोगों के कारण शहर में कई भाषाओं का मिश्रण देखने को मिलता है। व्यापार, शिक्षा और आईटी क्षेत्र में अंग्रेजी का उपयोग काफी सामान्य है। सांस्कृतिक विविधता के कारण यहां की भाषा शैली भी विशेष मानी जाती है।
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