परिसीमन बयान को बताया असंवैधानिक
हैदराबाद। केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के परिसीमन (लोकसभा सीटों के पुनर्गठन) पर दिए गए बयान की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के सुझाव असंवैधानिक (Unconstitutional) हैं और समाज के कमजोर वर्गों के हितों के खिलाफ हैं। बंडी संजय ने मुख्यमंत्री के उस तर्क पर आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने अधिक राजस्व देने वाले क्षेत्रों को अधिक सीटें देने की बात कही थी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस तर्क के आधार पर सभी सीटें केवल हैदराबाद को दे दी जानी चाहिए, और क्या पालमूर या आदिलाबाद (Aadilabad) जैसे पिछड़े जिलों का प्रतिनिधित्व जरूरी नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि क्या कांग्रेस हाईकमान को वर्षों तक ”नोटों की गड्डियां” भेजने के बाद अब राजनीतिक विचारधारा भी केवल पैसों के आधार पर तय की जा रही है।
संविधान की मूल भावना को कमजोर करने का आरोप
उन्होंने कांग्रेस पर डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान की मूल भावना को कमजोर करने का आरोप लगाया। बंडी संजय कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सभी राज्यों में सीटों की संख्या 50 प्रतिशत बढ़ाने का निर्णय लिया गया है और इसका उद्देश्य विकास का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कांग्रेस पर महिला आरक्षण के विरोध का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने अपने 50 वर्षों के शासन में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस उन दलों के साथ है जिन्होंने संसद में महिला आरक्षण विधेयक का विरोध किया था। बंडी संजय ने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बयान कांग्रेस की वास्तविक सोच को उजागर करते हैं और उनसे अपील की कि वे विभाजनकारी राजनीति छोड़कर सच्चाई के साथ आगे आएं।
वर्तमान में भारत के केंद्रीय मंत्री कौन हैं?
भारत में केंद्रीय मंत्री वह होते हैं जो केंद्र सरकार की मंत्रिपरिषद का हिस्सा होते हैं और अलग-अलग मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभालते हैं। वर्तमान में केंद्रीय मंत्रिपरिषद का नेतृत्व नरेंद्र मोदी कर रहे हैं, जो प्रधानमंत्री हैं। उनके साथ गृह, रक्षा, वित्त, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे कई विभागों के कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री कार्य करते हैं। पूरी सूची समय-समय पर बदलती रहती है।
केंद्रीय मंत्री को क्या कहते हैं?
केंद्रीय मंत्री उन्हें कहा जाता है जो भारत सरकार के केंद्रीय स्तर पर किसी मंत्रालय के प्रमुख होते हैं। ये मंत्री देश के नीति निर्माण और प्रशासनिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन्हें कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और स्वतंत्र प्रभार मंत्री के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। ये सभी मिलकर भारत सरकार की मंत्रिपरिषद बनाते हैं और संसद के प्रति उत्तरदायी होते हैं।
संसद मंत्री कौन हैं?
“संसद मंत्री” शब्द आमतौर पर सही आधिकारिक पद नहीं है, लेकिन इसे अक्सर संसदीय कार्य मंत्री (Parliamentary Affairs Minister) के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह मंत्री संसद में सरकार की ओर से विधायी कार्यों का समन्वय करता है। इसके अलावा संसद में प्रधानमंत्री, कैबिनेट मंत्री और अन्य मंत्री भी सदस्य होते हैं जो कानून बनाने और नीतियां तय करने में भाग लेते हैं।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :