समान ‘मुख्य नगर अधिनियम’ का मसौदा तैयार करने के निर्देश
हैदराबाद। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को ओआरआर (ORR) की सीमा के अंतर्गत आने वाले तीनों नगर निगम ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम, मल्काजगिरी तथा साइबराबाद के लिए एक समान ‘मुख्य नगर अधिनियम’ का मसौदा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। यह नया अधिनियम वर्तमान महानगर निगम अधिनियम का स्थान लेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी प्रकार की स्वीकृतियाँ, शुल्क निर्धारण तथा विकास कार्य इसी नए अधिनियम के अनुसार किए जाएँ। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शीघ्र प्रारंभ किए जाने वाले 99 दिवसीय विशेष कार्यक्रम में नगर निगम क्षेत्रों के विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
शनिवार को सचिवालय में आयोजित नगर प्रशासन एवं शहरी विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने मुख्य नगर क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कचरा निस्तारण की सुदृढ़ व्यवस्था करने के निर्देश दिए। खुले स्थानों पर कचरा फेंकने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने को कहा गया तथा इसके लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान कर स्थायी कचरा निपटान केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री (CM) ने सड़कों के निर्माण एवं अनुरक्षण पर विशेष ध्यान देने को कहा।
दोषों का तत्काल निवारण सुनिश्चित करें
उन्होंने रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत सड़कों के निर्माण में सभी तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित करने तथा निर्माण और रखरखाव की स्पष्ट जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। मार्ग दीपों की नियमित निगरानी कर दोषों का तत्काल निवारण सुनिश्चित करने को भी कहा गया। खाद्य पदार्थों में मिलावट की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने नगर के सभी भोजनालयों की रसोइयों में निगरानी यंत्र स्थापित करने और उन्हें केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से जोड़ने के निर्देश दिए। खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु नियमित निरीक्षण, सतत पर्यवेक्षण तथा मानकों के आधार पर भोजनालयों का मूल्यांकन कर श्रेणी निर्धारण करने को कहा गया। अग्नि सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ बनाने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने बहुमंजिला भवनों में अग्निकांड की रोकथाम हेतु उन्नत उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
सड़कों को हस्तांतरित करने के दिए निर्देश
वर्षा जल संरक्षण के लिए नगर के विभिन्न भागों में वर्षा जल संचयन कुओं की स्थापना तथा बहुउपयोगी एकरूप विद्युत स्तंभ लगाने का भी सुझाव दिया। मुख्य नगर क्षेत्र में विभिन्न विभागों के अधीन सड़कों के स्वामित्व को लेकर उत्पन्न भ्रम को समाप्त करने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग सहित अन्य विभागों की सड़कों को नगर प्रशासन एवं शहरी विकास विभाग को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में ऐतिहासिक महत्व की इमारतों को विकसित कर प्रमुख पर्यटन स्थलों के रूप में परिवर्तित करने के प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई। भारत भविष्य नगर क्षेत्र में निर्माणाधीन शासकीय भवनों के कार्य समयसीमा के भीतर पूर्ण करने तथा गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। नगर के बड़े तालाबों और झीलों के संरक्षण एवं विकास पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :