तेलंगाना सरकार बना रही योजना
हैदराबाद। तेलंगाना सरकार (Telangana Govt.) इंजीनियरिंग कॉलेजों में शुल्क संरचना पर निर्णय लेने की योजना बना रही है और शिक्षण स्टाफ, शिक्षण मानकों, प्रयोगशाला सुविधाओं, भवनों और अन्य बुनियादी ढांचे सहित इंजीनियरिंग कॉलेजों के हर पहलू की जांच करके शुल्क (Fee) संरचना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
एआई की बढ़ती मांग
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे पाठ्यक्रमों की बढ़ती मांग को देखते हुए, मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी चाहते थे कि राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेज विश्व स्तरीय मानकों के साथ प्रतिस्पर्धा करें।
भविष्य की योजना पर रखना होगा ध्यान
सर्वोच्च न्यायालय ने इस्लामिक एकेडमी ऑफ एजुकेशन बनाम कर्नाटक और पीए इनामदार एवं अन्य बनाम महाराष्ट्र मामलों में निर्देश दिया था कि फीस तय करते समय कॉलेज की सुविधाओं, प्रयोगशालाओं, व्याख्याताओं, शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को दिए जाने वाले वेतन और भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
एससी के निर्णयों का भी रखा गया ध्यान
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि राज्य सरकार ने फीस निर्धारित करने में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों को ध्यान में रखने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया भी निर्धारित समय के भीतर पूरी करने का निर्णय लिया।
अगले तीन साल के लिए संशोधित फीस संरचना पर विचार
तेलंगाना एडमिशन एंड फीस रेगुलेटरी कमेटी (TAFRC) निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए अगले तीन साल (2025-26 से शुरू होने वाले ब्लॉक पीरियड) के लिए संशोधित फीस संरचना पर विचार कर रही है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कई निजी कॉलेजों ने 20% से 50% तक फीस वृद्धि का प्रस्ताव दिया है। कुछ शीर्ष निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों ने 2 लाख रुपए प्रति वर्ष से अधिक की फीस का प्रस्ताव दिया है, जबकि कई अन्य 1.5 लाख रुपए प्रति वर्ष से ऊपर की फीस बढ़ाने का लक्ष्य बना रहे हैं।