हैदराबाद। नालगोंडा संविधान (Constitution) को वंचितों के लिए एक शक्तिशाली सुरक्षा कवच बताते हुए, सड़क एवं भवन मंत्री कोमटिरेड्डी वेंकट रेड्डी ने मंगलवार को कहा कि डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा तैयार किया गया यह दस्तावेज ‘गरीबों के हाथों में ब्रह्मास्त्र’ बना हुआ है। डॉ. अंबेडकर की 135वीं जयंती समारोह में भाग लेते हुए, मंत्री ने नालगोंडा जिले के तिप्पार्ती जंक्शन पर डॉ. अंबेडकर और बाबू जगजीवन राम की कांस्य प्रतिमाओं का अनावरण किया।
सड़क एवं भवन विभाग के अंतर्गत 70 लाख रुपये की लागत से प्रतिमाएं स्थापित की गईं। उन्होंने 10.75 करोड़ रुपये के व्यय से शुरू किए गए जंक्शन सौंदर्यीकरण कार्यों का भी उद्घाटन किया। एक जनसभा को संबोधित करते हुए, कोमटिरेड्डी वेंकट रेड्डी ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने सार्वभौमिक शिक्षा और महिलाओं के मतदान के अधिकारों का समर्थन किया, इस बात पर जोर देते हुए कि शिक्षा सशक्तिकरण और प्रगति की नींव है और लोगों से अंबेडकर (Ambedkar) के आदर्शों का पालन करने का आग्रह किया और कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
एकीकृत आवासीय विद्यालय किए जा रहे स्थापित
सरकार की पहलों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में 200 करोड़ रुपये के व्यय से एकीकृत आवासीय विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। नालगोंडा में एसएलबीसी कॉलोनी में बन रही सुविधा का उद्घाटन मुख्यमंत्री द्वारा दिसंबर के अंत तक किए जाने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में एक सरकारी विद्यालय स्थापित करने की योजना भी चल रही है, जिसमें छात्रों के लिए परिवहन सुविधा और सरकारी स्कूलों में तेलुगु और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में शिक्षा प्रदान करने का प्रावधान होगा। तिप्पार्ती मंडल में विकास कार्यों के बारे में कोमटिरेड्डी वेंकट रेड्डी ने कहा कि 135 दो शयनकक्ष वाले मकान आवंटित किए जा चुके हैं, जबकि 100 अन्य इकाइयों को मंजूरी दे दी गई है और जल्द ही उनका वितरण किया जाएगा।
कोमटिरेड्डी ने कहा कि इंदिराम्मा योजना के अगले चरण के तहत अतिरिक्त आवास सुरक्षित करने और मंडल में जल निकासी कार्यों के लिए 10 करोड़ रुपये प्राप्त करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि एएमआरपी के तहत 450 करोड़ रुपये की लागत से शुरू किए गए नहर निर्माण कार्यों से अंतिम छोर की भूमि तक सिंचाई सुनिश्चित होगी। मीडिया से बात करते हुए मंत्री ने विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण के प्रति अपने समर्थन को दोहराया, साथ ही क्षेत्रीय असंतुलन के प्रति आगाह किया जिससे दक्षिणी राज्यों को नुकसान हो सकता है।
संविधान का पूरा अर्थ क्या है?
किसी देश के शासन को चलाने वाले मूल नियमों, सिद्धांतों और कानूनों के संग्रह को संविधान कहा जाता है। यह देश की राजनीतिक व्यवस्था, नागरिकों के अधिकार और कर्तव्यों तथा सरकार की शक्तियों को निर्धारित करता है। भारतीय संविधान दुनिया के सबसे विस्तृत लिखित संविधानों में से एक है, जो देश को लोकतांत्रिक तरीके से संचालित करने का आधार प्रदान करता है।
भारत का संविधान कब और किसने बनाया था?
संविधान 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 से लागू हुआ। इसे बनाने का कार्य संविधान सभा ने किया था, जिसके मसौदा समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर थे। उन्होंने संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और इसी कारण उन्हें संविधान का मुख्य शिल्पकार कहा जाता है।
संविधान में क्या-क्या लिखा गया है?
देश के शासन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं। इसमें नागरिकों के मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य, राज्य के नीति निर्देशक तत्व, सरकार की संरचना, संसद और न्यायपालिका की शक्तियां तथा चुनाव प्रक्रिया जैसी बातें लिखी गई हैं। यह दस्तावेज देश के कानूनों का आधार होता है और सभी नागरिकों व संस्थाओं को इसके नियमों का पालन करना आवश्यक होता है।
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