Telangana : नारायण सेवा संस्थान की सेवा ने उल्लेखनीय ऊंचाइयों को छुआ – राज्यपाल

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नारायण सेवा संस्थान
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745 दिव्यांगजनों को 815 कृत्रिम अंग वितरित

हैदराबाद। एग्ज़िबिशन ग्राउंड्स में रविवार को नारायण सेवा संस्थान द्वारा आयोजित विशाल निःशुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर ने सैकड़ों दिव्यांगजनों को गतिशीलता और सम्मान लौटाते हुए भावनात्मक रूप से प्रेरणादायक वातावरण का निर्माण किया। कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) भागीदारों, जिनमें मेक अ चेंज फाउंडेशन (यूके) और श्री स्वामीनारायण मंदिर, विलेस्डेन (UK) शामिल हैं, के सहयोग से आयोजित इस शिविर में 745 लाभार्थियों को 815 नारायण मॉड्यूलर कृत्रिम अंग और कैलिपर्स वितरित किए गए। कई लाभार्थियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार एक से अधिक कृत्रिम अंग लगाए गए। शिविर का उद्घाटन करते हुए राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने इस पहल को “मानवता की सच्ची विजय” बताया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर देखने को मिला परिवर्तन अत्यंत भावुक करने वाला है। राज्यपाल ने लाभार्थियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और कार्यक्रम के तहत आयोजित परेड के दौरान उनका उत्साहवर्धन किया।

करुणा और सामूहिक प्रयास की शक्ति को पुनः स्थापित करते हैं ये क्षण

उन्होंने कहा, “यहां सेवा ने उल्लेखनीय ऊंचाइयों को छुआ है। ये क्षण करुणा और सामूहिक प्रयास की शक्ति को पुनः स्थापित करते हैं।” उन्होंने संस्थान के नेतृत्व, विशेष रूप से प्रशांत अग्रवाल की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान कई भावुक पल देखने को मिले, जब लाभार्थियों ने वर्षों की अक्षमता के बाद पहली बार स्वतंत्र रूप से कदम बढ़ाए। कुछ ने पहली बार फुटबॉल खेलने या बिना सहायता के पानी पीने जैसी गतिविधियों का प्रयास किया। आंध्र प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य और खाद्य प्रसंस्करण मंत्री टी. जी. भारत ने इस पहल को “जीवन परिवर्तित करने वाला मिशन” बताया और दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करने में इसकी भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में भी इसी प्रकार का शिविर आयोजित करने की योजना की घोषणा की।

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स्क्रीनिंग शिविर में 1,000 से अधिक लोगों ने कराया था पंजीकरण

आयोजकों के अनुसार, पूर्व में आयोजित स्क्रीनिंग शिविर में 1,000 से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 745 को कृत्रिम अंग सहायता के लिए चुना गया। ट्रस्टी एवं निदेशक देवेंद्र चौबिसा ने बताया कि लाभार्थियों को जर्मन तकनीक आधारित उन्नत मॉड्यूलर कृत्रिम अंग लगाने के साथ-साथ उनके उपयोग और रखरखाव का प्रशिक्षण भी दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन से हुई और इसमें दानदाताओं एवं सहयोगियों का सम्मान भी किया गया। तेलंगाना विधान परिषद सदस्य बोग्गुर दयानंद भी इस अवसर पर उपस्थित रहे और उन्होंने इस पहल की सराहना की। साल 1985 में कैलाश मानव द्वारा स्थापित नारायण सेवा संस्थान अब तक देशभर में 39,000 से अधिक लोगों को निःशुल्क कृत्रिम अंग प्रदान कर चुका है और 4.5 लाख से अधिक लाभार्थियों को चिकित्सीय सहायता उपलब्ध करा चुका है।

“एग्जिबिशन” का हिंदी में क्या अर्थ है?

अंग्रेजी शब्द “Exhibition” का हिंदी में अर्थ “प्रदर्शनी” होता है। इसका मतलब होता है किसी वस्तु, कला, उत्पाद या जानकारी को लोगों के सामने दिखाना। इसमें चित्रकला, विज्ञान, उद्योग, शिक्षा या व्यापार से जुड़ी चीजें प्रस्तुत की जाती हैं। इसका उद्देश्य लोगों को जानकारी देना, नई चीजें दिखाना और जागरूकता बढ़ाना होता है।

प्रदर्शनी कितने प्रकार की होती है?

प्रदर्शनी कई प्रकार की होती है, जो उद्देश्य और विषय के अनुसार अलग-अलग होती हैं। मुख्य प्रकारों में कला प्रदर्शनी, व्यापार प्रदर्शनी, औद्योगिक प्रदर्शनी, शैक्षिक प्रदर्शनी और विज्ञान प्रदर्शनी शामिल हैं। इसके अलावा सांस्कृतिक और पुस्तक प्रदर्शनी भी आयोजित की जाती हैं। हर प्रदर्शनी का उद्देश्य अलग होता है, जैसे व्यापार बढ़ाना, ज्ञान फैलाना या कला का प्रदर्शन करना।

एक प्रदर्शनी में क्या है?

प्रदर्शनी में विभिन्न प्रकार की वस्तुएं, मॉडल, उत्पाद या कलाकृतियां लोगों को दिखाने के लिए रखी जाती हैं। इसमें स्टॉल लगाए जाते हैं जहां अलग-अलग संस्थाएं या व्यक्ति अपनी चीजें प्रस्तुत करते हैं। कई बार जानकारी देने के लिए पोस्टर, चार्ट और डिजिटल माध्यमों का उपयोग भी किया जाता है। कुछ प्रदर्शनी में लाइव डेमो, प्रस्तुतियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल होते हैं।

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Ajay Kumar Shukla

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Ajay Kumar Shukla

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