तेलंगाना महिला कांग्रेस अध्यक्ष स्वर्णा एर्राबेल्ली ने लगाए आरोप
हैदराबाद। तेलंगाना महिला कांग्रेस अध्यक्ष एर्राबेल्ली स्वर्णा ने सोमवार को भाजपा (BJP) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार आगामी 16 तारीख को महिला आरक्षण विधेयक को राजनीतिक लाभ के लिए पेश करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा यह कदम तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों में संभावित हार की आशंका के चलते उठा रही है। स्वर्णा ने कहा कि महिला आरक्षण (Women’s Reservation) पर चर्चा पिछले 40 वर्षों से चल रही है, जिसकी शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल में हुई थी।

महिलाओं को आरक्षण का लाभ 2034 तक लागू नहीं हो पाएगा
उन्होंने बताया कि उस समय संसद और राज्यसभा में इस मुद्दे पर चर्चा की गई थी और एक संसदीय समिति का गठन भी किया गया था। उन्होंने आगे कहा कि 2010 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में यूपीए सरकार ने राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल को सफलतापूर्वक पारित कराया था, जबकि 2013 में सोनिया गांधी के सुझाव पर इसे फिर से संसद में लाया गया, लेकिन मंजूरी नहीं मिल सकी। कांग्रेस नेता ने कहा कि वर्तमान कानून के अनुसार महिलाओं को आरक्षण का लाभ 2034 तक लागू नहीं हो पाएगा, क्योंकि यह जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया पर निर्भर है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि भाजपा की मंशा वास्तव में ईमानदार होती, तो यह बिल पहले ही लागू किया जा चुका होता।
आरक्षण में उचित हिस्सा दिया जाना चाहिए
उन्होंने कहा कि भाजपा केवल चुनावी लाभ के लिए इस मुद्दे का उपयोग कर रही है। स्वर्णा ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी पिछले 40 वर्षों से महिलाओं के आरक्षण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध रही है और 1992 के 73वें संविधान संशोधन के माध्यम से पंचायत स्तर पर महिलाओं को आरक्षण देकर लगभग 15 लाख महिलाओं को लाभ पहुंचाया गया था। उन्होंने मांग की कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के साथ-साथ अन्य पिछड़ा वर्ग को भी इस आरक्षण में उचित हिस्सा दिया जाना चाहिए। इस अवसर पर राज्य स्तरीय महिला कांग्रेस नेता, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
नारी शक्ति का क्या अर्थ है?
महिलाओं की ताकत, आत्मविश्वास और समाज में उनके योगदान को नारी शक्ति कहा जाता है। यह केवल शारीरिक शक्ति नहीं बल्कि मानसिक, भावनात्मक और बौद्धिक क्षमता का भी प्रतीक है। जीवन के हर क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी, अधिकारों के प्रति जागरूकता और आत्मनिर्भरता इसके मुख्य पहलू हैं। इसी के माध्यम से महिलाएं परिवार, समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
नारी शक्ति पुरस्कार 2020 किसे दिया गया?
साल 2020 में यह सम्मान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली कई महिलाओं को दिया गया। यह पुरस्कार महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा प्रदान किया जाता है। इस वर्ष समाज सेवा, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने वाली चामी मुरमु जैसी महिलाओं को भी सम्मानित किया गया।
कवि ने नारी शक्ति किसे कहा है?
कविता के अनुसार स्त्री को सृजन और त्याग की मूर्ति बताया गया है। उसमें सहनशीलता, प्रेम और धैर्य जैसी विशेषताएं होती हैं, जो उसे विशेष बनाती हैं। परिवार और समाज को संभालने वाली शक्ति के रूप में उसे प्रस्तुत किया गया है। कवि के विचार में वही जीवन को आगे बढ़ाने वाली असली ऊर्जा और प्रेरणा का स्रोत है।
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