हैदराबाद। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के तहत चंद्रायनगुट्टा (Chandrayangutta) ट्रैफिक जोन के अंतर्गत संतोषनगर स्थित मातृ श्री कॉलेज, संतोषनगर में ‘अराइव अलाइव – सेफर रोड्स इन तेलंगाना’ नामक सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों और आम जनता को यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर हैदराबाद ट्रैफिक के संयुक्त पुलिस आयुक्त (JCP) जोएल डेविस मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। साथ ही अतिरिक्त डीसीपी ट्रैफिक-3 रामदास तेजावत, एसीपी ट्रैफिक चंद्रायनगुट्टा चंद्र कुमार तथा मलाकपेट, संतोषनगर, सैदाबाद और चंद्रायनगुट्टा ट्रैफिक थानों के एसएचओ भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि सड़क सुरक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी है और थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है।
मोबाइल फोन का उपयोग न करने की सलाह
छात्रों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, तेज गति से वाहन न चलाने और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग न करने की सलाह दी गई। शराब पीकर वाहन चलाने के खतरों पर भी विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। इस दौरान ट्रैफिक सिग्नल, रोड संकेत और पैदल यात्री सुरक्षा पर इंटरैक्टिव सत्र भी आयोजित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि ‘गुड सेमेरिटन कानून’ के तहत दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने वालों को कानूनी सुरक्षा प्रदान की जाती है। अधिकारियों ने कहा कि ‘अराइव अलाइव’ अभियान का उद्देश्य लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना और सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है।
सड़क पर 5 सुरक्षा नियम क्या हैं?
सड़क पर सुरक्षित रहने के लिए कुछ जरूरी नियमों का पालन करना बहुत महत्वपूर्ण होता है। हमेशा सड़क पार करते समय जेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करना चाहिए। ट्रैफिक सिग्नल का पालन करना और रेड लाइट पर रुकना जरूरी है। वाहन चलाते समय सीट बेल्ट या हेलमेट का उपयोग करना चाहिए। तेज गति से वाहन नहीं चलाना चाहिए और मोबाइल फोन का इस्तेमाल ड्राइविंग के दौरान नहीं करना चाहिए। साथ ही, सड़क पर सतर्क रहना भी आवश्यक है।
रोड सेफ्टी में क्या-क्या आता है?
सड़क सुरक्षा में वे सभी नियम और उपाय शामिल होते हैं जो दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करते हैं। इसमें ट्रैफिक नियमों का पालन, सही संकेतों का उपयोग, वाहन की नियमित जांच और सुरक्षित ड्राइविंग शामिल है। पैदल यात्रियों की सुरक्षा, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग, शराब पीकर वाहन न चलाना और गति सीमा का पालन भी इसके महत्वपूर्ण हिस्से हैं। यह कार्य सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा भी नियंत्रित किया जाता है।
रोड सेफ्टी मंथ 2026 की थीम क्या है?
वर्ष 2026 के लिए सड़क सुरक्षा माह की आधिकारिक थीम अभी तक सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं की गई है। हर वर्ष सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा अलग-अलग थीम जारी की जाती है, जो सड़क सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने पर आधारित होती है। जैसे ही नई थीम घोषित होती है, वह सरकार और परिवहन विभागों द्वारा पूरे देश में लागू की जाती है और अभियान चलाए जाते हैं।
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