नॉर्थ कोरिया (North Korea) का सुप्रीम लीडर किम जोंग उन (Kim Jong Un), जिनकी सख्त और क्रूर छवि दुनिया भर में कुख्यात है, हाल ही में एक ऐसी घटना में भावुक नजर आए, जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। एक ऐसा तानाशाह, जिसकी नजरों से नजर मिलाना भी अपराध माना जाता है, वह सार्वजनिक रूप से आंसुओं में डूबा दिखा।
22 अगस्त 2025 को प्योंगयांग में आयोजित एक सैन्य समारोह में किम जोंग उन घुटनों पर बैठे, आंसुओं के साथ अपने सैनिकों से माफी मांगते नजर आए। आखिर क्या था वह कारण, जिसने इस तानाशाह को इस कदर तोड़ दिया?

प्योंगयांग में हुए इस समारोह में किम अपने सैनिकों को संबोधित कर रहे थे। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ का जिक्र किया, जिसमें सैकड़ों नागरिकों की जान चली गई और हजारों लोग बेघर हो गए। किम ने भावुक स्वर में कहा, “मैं अपने लोगों के दुख में शामिल हूं। मैंने उन्हें बचाने में कमी छोड़ी।” तस्वीरों में वे सैनिकों के सामने झुके हुए, आंसुओं से भीगे चेहरे के साथ दिखे।

यह दृश्य उनके लिए असामान्य था, क्योंकि किम की छवि हमेशा से एक सख्त और निर्दयी शासक की रही है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह उनकी छवि को नरम करने की एक सोची-समझी रणनीति थी, ताकि वैश्विक मंच पर सहानुभूति बटोरी जा सके। वहीं, कुछ का कहना है कि यह उनकी सच्ची भावनाओं का प्रदर्शन था, जो देश की आर्थिक और प्राकृतिक चुनौतियों के दबाव में सामने आया। नॉर्थ कोरिया की अर्थव्यवस्था पहले से ही अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और कोविड-19 के प्रभावों से जूझ रही है। ऐसे में बाढ़ ने देश को और गहरे संकट में धकेल दिया है।

किम जोंग उन का यह भावुक पल दुनिया के लिए एक अनसुलझी पहेली बन गया है। क्या यह तानाशाह का मानवीय चेहरा था, या फिर एक और सियासी चाल? क्या किम वाकई अपने लोगों के दुख से द्रवित थे, या यह वैश्विक मंच पर सहानुभूति हासिल करने का प्रयास था? इस सवाल का जवाब शायद समय ही दे पाएगा। फिलहाल, यह घटना नॉर्थ कोरिया के इस रहस्यमयी नेता के इर्द-गिर्द नई चर्चाओं को जन्म दे रही है।
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