निवेश के सुरक्षित ठिकानों ने तोड़े सारे रिकॉर्ड
नई दिल्ली: देशभर के सर्राफा बाजारों में आज यानी 22 दिसंबर को कीमती धातुओं(GOLD) की कीमतों ने नया इतिहास रच दिया है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, सोने(GOLD) की कीमत ₹1,805 की बढ़ोतरी के साथ ₹1,33,584 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गई है। चांदी ने भी लंबी छलांग लगाते हुए ₹7,483 की तेजी दर्ज की, जिससे इसकी कीमत अब ₹2.07 लाख प्रति किलो से अधिक हो गई है। गौरतलब है कि इस साल अब तक सोने में 73% और चांदी में 132% से ज्यादा की भारी बढ़त देखी गई है, जिसने निवेशकों(Investors) को हैरान कर दिया है।
तेजी के पीछे के मुख्य कारक: डॉलर की कमजोरी और इंडस्ट्रियल डिमांड
कीमतों में इस बेतहाशा बढ़ोतरी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती से डॉलर सूचकांक कमजोर हुआ है, जिससे सोना निवेशकों के लिए सस्ता और आकर्षक हो गया है। इसके अलावा, रूस-यूक्रेन जैसे जियोपॉलिटिकल तनाव और विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा भारी मात्रा में सोना जमा करने से सप्लाई पर दबाव बढ़ा है। चांदी के मामले में, सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और इलेक्ट्रॉनिक्स में इसके बढ़ते औद्योगिक उपयोग ने इसे एक कीमती धातु(GOLD) के साथ-साथ एक अनिवार्य कच्चा माल बना दिया है।
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भविष्य का अनुमान: क्या अभी और बढ़ेंगे दाम?
बाजार विशेषज्ञों और केडिया एडवाइजरी का मानना है कि कीमतों में तेजी का यह सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है। अनुमान है कि चांदी अगले एक साल में ₹2.50 लाख प्रति किलो के आंकड़े को छू सकती है, जबकि सोना(GOLD) ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के पार जा सकता है। वैश्विक अनिश्चितताओं और अमेरिकी टैरिफ नीतियों के डर से कंपनियां पहले से ही चांदी का स्टॉक जमा कर रही हैं, जिससे आने वाले महीनों में भी आपूर्ति की कमी और कीमतों में उछाल की संभावना बनी हुई है।
ज्वेलर्स के पास मिलने वाले सोने का भाव IBJA द्वारा घोषित रेट से अधिक क्यों होता है?
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए रेट्स ‘बेस रेट’ होते हैं। जब आप ज्वेलरी खरीदने जाते हैं, तो अंतिम कीमत कई अन्य कारकों पर निर्भर करती है:
GST: बेस रेट पर 3% का वस्तु एवं सेवा कर (GST) अलग से लगाया जाता है।
मेकिंग चार्ज: आभूषण बनाने की लागत (मेकिंग चार्ज) ज्वेलरी के डिजाइन के आधार पर 5% से 25% तक हो सकती है।
ज्वेलर का मुनाफा: स्थानीय ज्वेलर्स अपना प्रॉफिट मार्जिन भी जोड़ते हैं।
शुद्धता: IBJA के रेट आमतौर पर 24 कैरेट के होते हैं, जबकि ज्वेलरी अक्सर 22 कैरेट या 18 कैरेट में बनती है, जिससे गणित बदल जाता है।
क्या इस समय सोना और चांदी खरीदना निवेश के लिहाज से सही है?
ऐतिहासिक रूप से, सोना और चांदी अनिश्चितता के समय में सबसे सुरक्षित निवेश माने जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार:
दीर्घकालिक निवेश: यदि आपका नजरिया 3-5 साल का है, तो गिरावट पर खरीदारी करना फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि एक्सपर्ट्स चांदी के ₹2.5 लाख तक जाने का अनुमान लगा रहे हैं।
पोर्टफोलियो विविधीकरण: अपने कुल निवेश का 10-15% सोने में रखना जोखिम कम करता है।
सावधानी: कीमतें अभी ‘ऑलटाइम हाई’ पर हैं, इसलिए एक साथ सारा पैसा लगाने के बजाय ‘SIP’ के रूप में या किस्तों में खरीदारी करना बेहतर रणनीति हो सकती है ताकि औसत लागत कम रहे।
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