हरिद्वार में कांवड़ मेले की समाप्ति के बाद जिला प्रशासन ने बड़े स्तर पर सफाई अभियान शुरू कर दिया है। प्रशासन ने सैकड़ों सफाई कर्मचारियों को तैनात किया। डीएम मयूर दीक्षित (DM Mayur Dixit) ने खुद मौके पर जाकर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और अधिकारियों को जल्द से जल्द कचरा हटाने के निर्देश दिए।
4 करोड़ से ज्यादा कांवड़ियों ने किया हरिद्वार का रुख
इस बार कांवड़ यात्रा में रिकॉर्ड तोड़ भीड़ उमड़ी। हरिद्वार (Haridwar) में करीब 4 करोड़ 50 लाख शिवभक्त पहुंचे। इतने बड़े स्तर पर श्रद्धालुओं के आने से शहर और आसपास के क्षेत्रों में हजारों टन कूड़ा जमा हो गया। जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए, जिससे सफाई करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
48 से 72 घंटे में शहर को स्वच्छ करने का दावा
डीएम मयूर दीक्षित ने बताया कि हर की पैड़ी से लेकर पूरे शहर और ग्रामीण इलाकों तक सफाई की योजना बनाई गई है। सफाई कर्मचारियों को मिशन मोड (Mission Mode) में काम पर लगाया गया है। प्रशासन का दावा है कि अगले 48 से 72 घंटे के भीतर पूरा हरिद्वार कचरे से मुक्त कर दिया जाएगा ताकि बदबू और गंदगी से लोगों को परेशानी न हो।
हरिद्वार में 5 तीर्थ कौन से हैं?
इसे सुनेंहरिद्वार में पांच तीर्थ (पिलग्रिमेज साइट्स) है हर की पौरी, कंकाल, मनसा देवी मंदिर, चंडी देवी मंदिर और नील पर्वत. इन स्थानों पर धार्मिक महत्व है और आध्यात्मिक आशीर्वाद और शांति की तलाश करने वाले भक्तों को आकर्षित करते हैं.
हरिद्वार में कुल कितने घाट हैं?
हरिद्वार में मुख्य रूप से कई घाट हैं, लेकिन सबसे प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण घाट हर की पौड़ी है। इसके अलावा, ब्रह्मकुंड, सुभाष घाट, कुशा घाट, मालवीय घाट, अस्थि विसर्जन घाट, और नाई घाट भी हरिद्वार के प्रमुख घाट हैं.
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