Sangareddy : दिव्यांग विद्यार्थी आत्मविश्वास और मेहनत से आगे बढ़ें – निर्मला जग्गा रेड्डी

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संगारेड्डी। दिव्यांग विद्यार्थियों को आत्मविश्वास और मेहनत के साथ पढ़ाई कर जीवन में उच्च स्थान प्राप्त करना चाहिए, जिससे वे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन सकें। यह बात टीजीआईआईसी की चेयरपर्सन निर्मला जग्गा रेड्डी (Nirmala Jagga Reddy) ने कही। संगारेड्डी कस्बे के संजीव नगर स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय में समग्र शिक्षा और एएलएमआईसीओ के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने दिव्यांग विद्यार्थियों को श्रवण यंत्र और व्हीलचेयर (Wheelchair) वितरित किए।

दिव्यांगों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं चला रही सरकार

निर्मला जग्गा रेड्डी ने कहा कि सरकार दिव्यांगों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं चला रही है, जिनका लाभ जरूरतमंदों को लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ आत्मविश्वास विकसित करना सफलता की कुंजी है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों को प्रोत्साहित करें और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सहयोग प्रदान करें। इस कार्यक्रम में संगारेड्डी नगर पालिका चेयरपर्सन कूना वनिता संतोष, टीपीसीसी महासचिव तोपाजी अनंत किशन, कांग्रेस पार्टी संगारेड्डी टाउन अध्यक्ष किरण गौड़, पार्षद संगीत महेश, यशोदा सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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दिव्यांग छात्र कौन होते हैं?

शारीरिक, मानसिक, दृष्टि, श्रवण या अन्य प्रकार की विशेष चुनौतियों के साथ पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को दिव्यांग छात्र कहा जाता है। ऐसे छात्रों को शिक्षा प्राप्त करने में अतिरिक्त सहायता और सुविधाओं की आवश्यकता हो सकती है। सरकार और शिक्षण संस्थान इनके लिए विशेष व्यवस्थाएं, छात्रवृत्ति और सहायक उपकरण उपलब्ध कराते हैं। समावेशी शिक्षा के माध्यम से इन्हें सामान्य विद्यार्थियों के साथ पढ़ने का अवसर दिया जाता है। समाज में समान अवसर और आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए इनके अधिकारों पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए कौन सी योजना चलाई जा रही है?

सरकार द्वारा शिक्षा और आर्थिक सहायता के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें छात्रवृत्ति, मुफ्त अध्ययन सामग्री, सहायक उपकरण और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं। केंद्र और राज्य सरकारें दिव्यांग विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के लिए आर्थिक सहयोग भी प्रदान करती हैं। कुछ योजनाओं में यात्रा भत्ता और हॉस्टल सुविधा भी दी जाती है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य शिक्षा में समान अवसर देना और छात्रों को आत्मनिर्भर बनाना है।

दिव्यांग स्टूडेंट का मतलब क्या होता है?

ऐसे विद्यार्थी जो किसी शारीरिक, मानसिक या संवेदी चुनौती के साथ शिक्षा प्राप्त करते हैं, उन्हें दिव्यांग स्टूडेंट कहा जाता है। इनमें दृष्टिबाधित, श्रवण बाधित, चलने-फिरने में कठिनाई वाले या विशेष सीखने की जरूरत वाले छात्र शामिल हो सकते हैं। शिक्षा संस्थानों में इनके लिए रैंप, विशेष पुस्तकें और सहायक तकनीक जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। समान शिक्षा अधिकार सुनिश्चित करने के लिए सरकार और स्कूल विशेष नीतियां लागू करते हैं। इन छात्रों को समाज में समान अवसर देना महत्वपूर्ण माना जाता है।

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Ajay Kumar Shukla

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Ajay Kumar Shukla

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