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Breaking News: Budget: निर्मला सीतारमण रचेंगी लगातार 8 बजट का इतिहास

Dhanarekha
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Breaking News: Budget: निर्मला सीतारमण रचेंगी लगातार 8 बजट का इतिहास

बजट 2026: रविवार और छुट्टी का पेंच


नई दिल्ली: साल 2026 में 1 फरवरी को रविवार है और साथ ही गुरु रविदास जयंती भी है, जिससे बजट(Budget) की तारीख को लेकर अटकलें तेज हैं। हालांकि, सरकारी सूत्रों का मानना है कि सरकार 1 फरवरी की अपनी स्थापित परंपरा को कायम रखना चाहती है। चूंकि रविदास जयंती(Ravidas Jayanthi) केंद्र की ‘पब्लिक हॉलिडे’ के बजाय ‘रिस्ट्रिक्टेड हॉलिडे’(Restricted Holiday) की सूची में है, इसलिए रविवार होने के बावजूद संसद का विशेष सत्र बुलाकर बजट पेश किया जा सकता है। इससे पहले भी 2020 और 2025 में शनिवार को बजट पेश कर यह संकेत दिया जा चुका है कि सरकार तय तारीख को प्राथमिकता देती है

निर्मला सीतारमण का ऐतिहासिक आठवां बजट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार अपना लगातार आठवां बजट पेश कर एक नया कीर्तिमान स्थापित करेंगी। वे देश की पहली ऐसी वित्त मंत्री बन जाएंगी जिन्होंने लगातार 8 बार बजट पेश किया है। हालांकि, संख्या के मामले में वे पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के 8 पूर्ण बजटों(Budget) की बराबरी करेंगी, लेकिन सीतारमण की विशेषता यह है कि वे एक ही प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) के नेतृत्व में यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली मंत्री होंगी। यह उनके कार्यकाल की निरंतरता और आर्थिक नीतियों पर सरकार के भरोसे को दर्शाता है।

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तारीख बदलने के विकल्प और ऐतिहासिक संदर्भ

यदि रविवार को बजट(Budget) पेश नहीं होता है, तो सरकार के पास 31 जनवरी (शनिवार) या 2 फरवरी (सोमवार) के दो प्रमुख विकल्प हैं। गौरतलब है कि 2017 से पहले बजट फरवरी के आखिरी दिन पेश होता था, जिसे अरुण जेटली ने बदलकर 1 फरवरी कर दिया था। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य नए वित्त वर्ष (1 अप्रैल) से पहले सभी विधायी प्रक्रियाओं को पूरा करना और नीतियों को लागू करने के लिए पर्याप्त समय देना था। संसद के इतिहास में भी ऐसे कई उदाहरण हैं जब रविवार या छुट्टियों के दिन विशेष परिस्थितियों में सदन की कार्यवाही चलाई गई है।

2017 में बजट पेश करने की तारीख 28 फरवरी से बदलकर 1 फरवरी क्यों की गई थी?

इसके दो मुख्य कारण थे। पहला, बजट की प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करना ताकि 1 अप्रैल से नए नियम लागू हो सकें। दूसरा, 2017 में ही रेल बजट का आम बजट में विलय कर दिया गया था, जिसके लिए अधिक प्रशासनिक समय और तैयारी की आवश्यकता थी।

क्या रविवार को बजट पेश करना असंवैधानिक है?

नहीं, रविवार को बजट(Budget) पेश करना असंवैधानिक नहीं है। बजट एक संवैधानिक प्रक्रिया है और जरूरत पड़ने पर राष्ट्रपति की अनुमति से रविवार या किसी सार्वजनिक अवकाश के दिन भी संसद की विशेष बैठक बुलाई जा सकती है। इससे पहले भी कोरोना काल और संसद की वर्षगांठ जैसे मौकों पर रविवार को सदन की कार्यवाही हो चुकी है।

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